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जयपुर

खराब मौसम के चलते 21 फ्लाइट्स दिल्ली से जयपुर डायवर्ट: एक का फ्यूल खत्म, कुआलालंपुर इंटरनेशनल की इमरजेंसी लैंडिंग; रात भर यात्री हुए परेशान

जयपुर :राजधानी दिल्ली में बिगड़े मौसम और खराब विजिबिलिटी के चलते बीती रात कुल 21 फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। इनमें घरेलू से लेकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तक शामिल थीं। अचानक बढ़े ट्रैफिक से एयरपोर्ट पर देर रात तक हलचल बनी रही।

इस दौरान डायवर्ट होकर पहुंचे पांच विमानों के पायलटों का ड्यूटी टाइम पूरा हो गया। ऐसे में एविएशन नियमों के अनुसार ड्यूटी टाइम समाप्त होने के बाद पायलट उड़ान संचालित नहीं कर सकते, जिसके बाद पैसेंजर्स को विमान से उतारकर बसों से दिल्ली भेजा गया।

पांच डायवर्टेड विमान, जिनके पायलट्स की ड्यूटी पूरी हो गई थी

  • इंडिगो 6E-1014 (सिंगापुर-दिल्ली)
  • एयर इंडिया एक्सप्रेस IX-2371
  • अमेरिकन एयरलाइंस AA-292 (न्यूयॉर्क-दिल्ली)
  • स्पाइसजेट SG-5006 (फुजैरा-दिल्ली)
  • एयर इंडिया AI-2940 (मुंबई-दिल्ली)

दिल्ली में मौसम खराब रहने से शुक्रवार देर रात और भी छह फ्लाइट्स जयपुर पहुंचीं, जिनमें दो अंतरराष्ट्रीय और चार घरेलू उड़ानें शामिल थीं। इनमें अमेरिकन एयरलाइंस AA-292, एयर इंडिया AI-278 (कोलंबो-दिल्ली), इंडिगो 6E-6034 (बेंगलुरु-दिल्ली) जैसी उड़ानें थीं।

इसी बीच एक इंटरनेशनल फ्लाइट की जयपुर एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी लैंडिंग भी करानी पड़ी। मामला एयर एशिया की कुआलालंपुर से दिल्ली जा रही इंटरनेशनल फ्लाइट D7-182 का है। यह फ्लाइट दिल्ली में खराब मौसम के कारण लैंड नहीं कर सकी और काफी देर तक दिल्ली के आसमान में चक्कर लगाती रही। लगातार होल्डिंग के कारण विमान में ईंधन कम होने लगा, जिसके बाद एहतियातन फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया।

फ्यूल की स्थिति गंभीर होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने फुल इमरजेंसी घोषित की और रात करीब 11:15 बजे फ्लाइट को सुरक्षित रूप से जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद पैसेंजर्स और एयरपोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि ईंधन भरने के बाद यह फ्लाइट रात करीब 3 बजे फिर दिल्ली के लिए रवाना हुई। दिल्ली का मौसम अभी भी खराब है, ऐसे में जयपुर एयरपोर्ट पर आज भी हलचल बनी हुई है।

जयपुर: प्रदेश में पत्रकारों की आजीविका पर कथित प्रशासनिक कार्रवाई, झूठे मुकदमों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) के बैनर तले शहीद स्मारक पर चल रहा धरना गुरुवार को 19वें दिन खत्म हुआ।

प्रदेशभर से सैकड़ों पत्रकार शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा एक वरिष्ठ पत्रकार की आजीविका पर बुलडोजर कार्रवाई और प्रदेश में बढ़ते झूठे मुकदमों का विरोध रहा। पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

विधायक गोपाल शर्मा पत्रकारों से मिले

इस दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा धरनास्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष उठाकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।

धरने के बाद बड़ी संख्या में पत्रकार मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए आवास की ओर रवाना हुए, लेकिन शहीद स्मारक के बाहर पुलिस ने बेरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। आगे बढ़ने की कोशिश करने पर कई पत्रकारों को हिरासत में लेकर शिप्रा पथ थाना ले जाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई।

मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे पत्रकारों को पुलिस ने शहीद स्मारक पर ही रोक लिया

ये रहे शामिल

धरने में सलाहकार शंकर नागर, विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनेश बोहरा, सांवलदान रत्नू ,चूरू से मुरलीधर बोचीवाल, किशन उपाध्याय, अमित तिवारी, नागौर से प्रकाश तंवर, जालोर से डूंगर सिंह मालावत, जिलाध्यक्ष भरतपुर उमेश लवानिया, सवाईमाधोपुर से राजेश शर्मा, करौली डीडी सारस्वत, जोधपुर लक्ष्मण मोतीवाल, हनुमानगढ़ राजू रामगडिया, बूंदी भवानी सिंह हाड़ा, जगदीश प्रजापत, टोंक अभिषेक शर्मा, अजमेर आनंद शर्मा, मनोज गुर्जर, दिनेश जांगिड़, जैसलमेर गणपत दैय्या, सिरोही अशोक कुमावत, जालोर दिलीप सिंह, प्रतापगढ़ अमित पुरोहित, बारां हरीश शर्मा, राजेन्द्र नामा, माउंट आबू हरिपाल सिंह, सहित गणेश प्रजापति, कोषाध्यक्ष नकुल शर्मा, बलवीर सैनी, सुनील यादव, दौसा महेन्द्र मीणा, चितौड़गढ़ आकाश शर्मा, दुर्गेश कुमार लक्षकार, और खीवराज सिंह, महेंद्र सिंह प्रदेशभर के कई पदाधिकारी और पत्रकार शामिल रहे।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अगले चरण की रणनीति संगठन की कोर कमेटी की बैठक में तय की जाएगी।

सीकर: सीकर कोर्ट परिसर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोर्ट में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान की वोटिंग होगी। 22 अप्रैल को होने वाली वोटिंग को लेकर निर्वाचन मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्यों के चुनाव के लिए सीकर बार काउंसिल के 1750 एडवोकेट्स और टैक्स बार के 20 एडवोकेट्स वोटिंग करेंगे। वोटिंग कैंपस के 200 मीटर की परिधि के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे।

22 अप्रैल को बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव के लिए वोटिंग होगी। वोटिंग को लेकर सीकर कोर्ट परिसर के मीटिंग हॉल में वोटिंग टेबल लगाई गई हैं। वोट डालने के बाद वकीलों को बैलट पेपर बॉक्स में डालने होंगे। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनावों को लेकर पूरे प्रदेश की सभी अदालतों में प्रचार-प्रसार का माहौल बना हुआ है। सीकर बार एसोसिएशन में डेढ़ हजार से ज्यादा वकील हैं, इसलिए यहां के वोटों को निर्णायक माना जाता है।

आदर्श आचार संहिता की पालना व चुनाव के सुचारू संचालन के लिए गठित हाई पावर कमेटी के एडिशनल पोलिंग ऑफिसर एडवोकेट पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया कि सीकर में 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 5 बजे तक वोटिंग होगी। सीकर में वोटिंग के लिए 1770 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। एडवोकेट वोटर्स के लिए अभिभाषक संघ सीकर के नोटिस बोर्ड पर वोटर्स लिस्ट और दिशा-निर्देशों के नोटिस चिपका दिए गए हैं। गौरतलब है कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के चुनाव के लिए पूरे राजस्थान के रजिस्टर्ड वकील वोट डालेंगे।

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जयपुर जयपुर। झोटवाड़ा इलाके में सीवर लाइन की सफाई के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जिसमें दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई। यह घटना झोटवाड़ा जोन के 200 फीट रोड क्षेत्र की बताई जा रही है। दोनों मृतक ठेके पर कार्यरत मजदूर थे, जिन्हें सीवरेज टैंक की सफाई के लिए नीचे उतारा गया था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा होने के कारण दोनों मजदूरों का दम घुट गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे माहौल गमगीन हो गया।

बिना सुरक्षा मजदूर को टैंक में उतारा

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ठेकेदार ने बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और जरूरी सावधानियों के मजदूरों को टैंक में उतार दिया, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं।

ठेकेदार मौके से फरार

हादसे के बाद ठेकेदार के मौके से फरार होने की बात भी सामने आई है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी गई है।

राजस्थान में नकली दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। भरतपुर से शुरू हुई एक सामान्य जांच ने पूरे प्रदेश में फैले इस संगठित नेटवर्क की परतें खोल दीं। औषधि नियंत्रण विभाग ने टेबलेट क्यूसिपोड 200 (बैच नंबर वीटी 242312) का नमूना लिया, जो लैब जांच में नकली पाया गया।

इसके बाद राज्य औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए इस दवा की बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी और सभी जिलों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। यह एक एंटीबायोटिक मेडिसिन है, जो बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज में दी जाती है।

4 लाख रुपए की नकली दवाएं जब्त

इसका उपयोग आमतौर पर गले और टॉन्सिल का इन्फेक्शन साइनस, फेफड़ों का संक्रमण, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, कान का इन्फेक्शन, मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) और त्वचा के बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज में होता है। जयपुर में सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में टीम ने इक्यूमेड हेल्थकेयर पर छापा मारा, जहां से करीब 4 लाख रुपए की नकली दवाएं बरामद कर जब्त की गईं।

हिमाचल-उत्तराखंड तक पहुंची जांच

जांच में सामने आया कि यह दवा हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल्स नामक निर्माता फर्म से सप्लाई की गई थी। मामले में अन्य दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजने के साथ स्टॉक को सीज किया गया है। जालोर और भरतपुर में भी दवा विक्रेताओं की जांच की जा रही है। नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए राज्य स्तर पर टीमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

500 से भी ज्यादा दवाएं बनाती है संबंधित कंपनी

ड्रग विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित कंपनी 500 से अधिक प्रकार की दवाएं बनाती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अन्य दवाओं में भी इसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है।

IMD Forecast:कानपुर में शुक्रवार को तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। दिनभर तेज धूप रहेगी, लेकिन शाम को लो-प्रेशर बनने से बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो सकता है।

कानपुर : कानपुर में मौसम का ‘ट्विस्ट’: दिन में 40 डिग्री की तपिश, शाम को बूंदाबांदी से राहत के आसारकानपुर में गर्मी ने अब अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय लोगों को तेज धूप और उमस का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि शाम होते-होते मौसम करवट ले सकता है और हल्की बूंदाबांदी के साथ सुहावना माहौल बन सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिनभर की तेज धूप के कारण स्थानीय स्तर पर लो-प्रेशर (कम दबाव) की स्थिति बनती है। यही लो-प्रेशर शाम के समय नम हवाओं को अपनी ओर खींचता है, जिससे आसमान में बादल बनने लगते हैं। इसके चलते शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यह बदलाव दिनभर की तपिश से परेशान लोगों को बड़ी राहत दे सकता है।

वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि फिलहाल इसी तरह का मौसम पैटर्न बना रहेगा। यानी दिन में तेज गर्मी और शाम को हल्की राहत का सिलसिला कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे लो-प्रेशर बनने की संभावना भी बढ़ेगी, जिससे बादल और हल्की बारिश की स्थितियां बन सकती हैं।

हालांकि, देश के कई हिस्सों में इस समय चक्रवाती हवाओं का असर और बादलों की लंबी श्रृंखला बनी हुई है, लेकिन इसका सीधा असर कानपुर और आसपास के इलाकों पर नहीं पड़ रहा है। यही वजह है कि यहां मौसम स्थानीय कारकों के आधार पर ही बदल रहा है।

शहरवासियों के लिए यह मौसम एक तरह का मिश्रित अनुभव लेकर आ रहा है। दिन में जहां धूप से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है, वहीं शाम को मौसम का मिजाज खुशनुमा हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग दिन के समय धूप से बचने के लिए जरूरी उपाय करें—जैसे पानी ज्यादा पिएं, बाहर निकलते समय सिर को ढकें और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें।

कानपुर का मौसम इन दिनों ‘गर्मी और राहत’ के बीच झूलता नजर आ रहा है। जहां सूरज दिन में अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है, वहीं शाम को बादल और बूंदाबांदी लोगों को सुकून देने के लिए तैयार हैं। आने वाले दिनों में तापमान भले बढ़े, लेकिन अगर शाम का यह मौसम यूं ही बना रहा, तो गर्मी का असर कुछ हद तक कम महसूस होगा।

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जब्त अवैध मादक पदार्थ की अन्तराष्ट्रीय कीमत करीब 26 लाख रुपए,
अवैध मादक पदार्थ से अर्जित करीब 53 लाख रूपये जब्त,
IG विकास कुमार के निर्देश पर कार्रवाई,
कुल 09 आरोपी दस्तयाब, एक मोटरसाईकिल जब्त

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