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जयपुर

बुजुर्गों को घर बैठे दवा पहुंचाने की तैयारी:पहले चरण में जुड़ेंगे चार लाख से अधिक पेंशनकर्मी, जयपुर-जोधपुर जैसे बड़े शहरों में होगी शुरुआत

जयपुर:राजस्थान में बुजुर्गों को घर बैठे मुफ्त दवा पहुंचाने की योजना इसी साल सरकार के 2 साल पूरे होने पर लागू हो सकती है। पहले चरण में सरकारी सेवा से रिटायर हुए चार लाख से अधिक पेंशनधारियों को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) कार्ड के तहत उन्हें दवाई की होम डिलीवरी की सुविधा दी जाएगी।

अच्छा फीडबैक मिलने पर दूसरे चरण में इसे सभी वर्ग के 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए लागू किया जाएगा। इसके लिए तमिलनाडु में घर-घर राशन पहुंचाने वाले मॉडल की स्टडी की जा रही है।

इससे पहले भास्कर ने विभाग के अफसरों से बात कर कई सवालों के जवाब जाना कि योजना पर अभी कितना काम हुआ है? कब तक लागू होने के आसार हैं? घर बैठे दवा पाने की प्रोसेस क्या होगी? पढ़िए मंडे स्पेशल स्टोरी…

सरकार के 2 साल पूरे होने पर हो सकती है घोषणा भजनलाल सरकार ने इस बार बजट में 70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों के लिए आवश्यकतानुसार घर पर ही नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। यह साल के अंत में यह घोषणा मूर्त रूप लेने जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देशों पर राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम और स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी तेजी से काम कर रही है।

शुरुआत में चार लाख 21 हजार पेंशन कर्मियों को इस साल के अंत तक घर पर ही दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद दूसरे चरण में सभी वर्ग के 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए इसे लागू करने का विचार है।

पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने सभी डीसीपी/एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थलों आदि जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अत्यधिक सतर्कता बनाए रखें। उन्होंने अधीनस्थ सभी पुलिस अधिकारियों को कहा है कि अधिकतम पुलिस बल को सड़कों पर तैनात करें। अपने बम स्क्वॉड को भी अलर्ट पर रखें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी एसपी/डीसीपी स्वयं निगरानी रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं। कमांड सेंटर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी पूरी तरह से की जाए ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीमों को भी किसी भी तरह की भ्रामक या गलत सूचना का तुरंत खंडन करने हेतु अलर्ट किया जाए। डीजीपी ने समस्त रेंज आईजीपी और पुलिस आयुक्त को उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

योजना पर कितना काम हुआ है? स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RGHS) के सीईओ हरजी लाल अटल ने बताया कि पेंशनर्स को डोर स्टेप डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। आरजीएचएस के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में आईटी, एकाउंट्स और अन्य एक्सपट्‌र्स शामिल हैं। ये इसका पूरा प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। संभावना है कि अगले एक सप्ताह में कमेटी अपनी कार्य योजना की रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद डोर स्टेप डिलीवरी के लिए टेंडर के माध्यम से एजेंसी को हायर किया जाएगा। ये एजेंसी ही पेंशन कर्मियों को घर-घर दवाएं उपलब्ध कराएगी।

घर बैठे दवा का फायदा कैसे मिलेगा? पेंशनर्स को आसानी से घर पर दवाएं उपलब्ध कराने का पूरा सिस्टम ऑनलाइन ही होगा। जिस पेंशनर्स को भी दवा की जरूरत है, उसे आरजीएचएस पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। पोर्टल के अलावा ऐप लाने का भी विचार चल रहा है। दोनों जगह डोर स्टेप डिलीवरी का चयन करना होगा। वहीं, पेंशनर्स अगर खुद जाकर मेडिकल स्टोर से दवा लेना चाहते है तो उसका ऑप्शन भी दिया जाएगा।

स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजी लाल अटल ने बताया कि टेंडर के जरिए जिस एजेंसी का चयन होगा, वही दवाएं सप्लाई करेगी। इस योजना में अलग-अलग मेडिकल स्टोर को रजिस्टर किया जाएगा।

पेंशनर्स द्वारा ओपीडी में दिखाए जाने के बाद पर्ची को पोर्टल या ऐप पर अपलोड करना होगा। जिसके बाद एजेंसी अपने पंजीकृत मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर पेंशनर्स के घर पर सप्लाई करवाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एजेंसी को पेंशनर्स का पूरा डेटा शेयर किया जाएगा। डेटा में पेंशनर का नाम, पता, पिनकोड, मोबाइल नंबर की जानकारी होगी। दवा जल्द से जल्द डिलीवर हो जाए इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।

कौन-कौन से शहरों में यह सुविधा दी जाएगी? यह योजना पूरे प्रदेशभर के लिए है। लेकिन डोर स्टेप डिलिवरी स्कीम को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत बड़े शहरों में ही लागू किया जाएगा। इनमें जयपुर-जोधपुर जैसे बड़े शहर शामिल किए जा सकते हैं, जहां पेंशनर्स की संख्या ज्यादा हो। जैसे-जैसे योजना की कमियां-खामियां सामने आएंगी, उन्हें दुरुस्त कर बाकी शहरों में भी इसे लागू कर दिया जाएगा।

स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजी लाल ने बताया कि स्कीम में सामने आने वाली खामियों को दूर करते हुए चरणबद्ध तरीके से अन्य शहरों में भी विस्तार किया जाएगा।

गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बार-बार पर्ची से राहत गंभीर बीमारियों से ग्रसित ऐसे मरीज जिनकी दवाएं रेगुलर चल रही हैं और उनकी दवा में डॉक्टर ने किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है तो ऐसे में उस मरीज को बार-बार ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक बार दिखाने के बाद हर महीने मरीज की डिमांड पर दवाएं डोर स्टेप डिलीवरी के तहत उपलब्ध करा दी जाएंगी।

हालांकि इस श्रेणी में कौन-कौन सी बीमारियों को शामिल किया जाना है, ये आने वाले दिनों में तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी से संबंधित पेंशनर्स मरीजों को पहले चरण में दवाएं उपलब्ध कराने की मंशा है।

70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को कब मिलेगी सुविधा? पेंशनर्स के अलावा सभी वर्ग के 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी इसी डोर स्टेप योजना में शामिल करने पर भी काम चल रहा है। पहले चरण की सफलता के बाद जल्द ही इस मॉडल को लागू करने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तमिलनाडु में राशन की होम डिलीवरी करने वाले मॉडल की स्टडी की है।

तमिलनाडु में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन सीधे घर-घर पहुंचाया जा रहा है। लेकिन राजस्थान में दवाएं घर-घर पहुंचाने के लिए तमिलनाडु मॉडल राजस्थान में कितना कामयाब हो सकता है, इस पर एक्सपर्ट विचार कर रहे हैं। इसमें ये भी विचार आया है कि आशा सहयोगिनियों के माध्यम से भी दवाएं घर-घर पहुंचाई जा सकती हैं।

सरकार के दो साल पूरे होने या फिर नए साल के साथ होगी शुरुआत पेंशनर्स और 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर पर ही दवाएं उपलब्ध कराने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम लागू करने के लिए उद्देश्य से इस पर तेजी से काम हो रहा है। राज्य सरकार के दो साल पूरे होने या फिर नए साल की शुरुआत के साथ इस सिस्टम को लागू कर दिया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह है कि बुजुर्ग मरीजों को अस्पतालों में दवाएं लेने के लिए कतारों में घंटों खड़े नहीं रहना पड़े और वे आसानी से घर पर ही दवाएं मंगवा सकें।

क्या होता है डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम? डोर स्टेप डिलीवरी का मतलब है कि आपका सामान विक्रेता से सीधे आपके घर तक पहुंचाना। इसके लिए किसी स्टोर या पिकअप पॉइंट पर जाने की जरूरत नहीं है। इससे आपका समय और मेहनत बचती है। किसी दुकान या कूरियर ऑफिस तक गाड़ी चलाने के बजाय, डिलीवरी करने वाला व्यक्ति आपके पते पर आता है। इसे ही डोर-टू-डोर डिलीवरी सेवा कहा जाता है।

जयपुर: प्रदेश में अब 14 साल से कम उम्र के बच्चों को दुकानों, व्यापारिक संस्थानों, कंपनियों में किसी भी रूप में काम पर नहीं रख सकेंगे। 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इंटर्नशिप या ट्रेनिंग के लिए भी नहीं रख सकेंगे।

सरकार इसके लिए अध्यादेश ला रही है। राजस्थान दुकान और वाणिज्य संस्थान (संशोधन) अध्यादेश-2025 को सीएम की मंजूरी मिल चुकी है। नोटिफिकेशन के साथ ही इस अध्यादेश के प्रावधानों को लागू करने की तैयारी है।

अध्यादेश में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार कम उम्र के बच्चों को दुकानों और वाणिज्य संस्थानों में काम पर नहीं रखा जा सकेगा। ट्रेनी (प्रशिक्षु) की न्यूनतम उम्र अब 12 साल से बढ़ाकर 14 साल अनिवार्य की गई है। 14 से 18 साल की उम्र के किशोरों से रात की शिफ्ट में काम नहीं करवाया जा सकेगा। पहले यह सीमा 12 से 15 साल थी।

14 से 18 साल के किशोरों से रोज 3 घंटे ही काम कराया जा सकेगा

मौजूदा राजस्थान दुकान और वाणिज्य संस्थान अधिनियम-1958 एक्ट के अनुसार 12 से 15 साल तक के किशोर रोज अधिकतम 3 घंटे तक काम कर सकते थे। अब इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 14 से 18 साल कर दिया है।

ओवरटाइम की अधिकतम सीमा को भी बढ़ाया

अध्यादेश में श्रमिकों की रोजाना काम की अधिकतम सीमा 9 के स्थान पर 10 घंटे तय की गई है। ओवरटाइम करने की अधिकतम सीमा को भी तिमाही में 144 घंटों तक बढ़ाया गया है। दुकानों और व्यापारिक संस्थानों में कर्मचारियों से ज्यादा काम करवाने का रास्ता साफ हो गया है।

कारखाना संशोधन नियम-2025 को मंजूरी, कारखानों में गर्भवती महिलाओं से काम नहीं करवा सकेंगे

फैक्ट्रियों में गर्भवत्री और धात्री महिलाओं से काम नहीं करवाया जा सकेगा। विधानसभा में पारित कारखाना राजस्थान संशोधन विधेयक के बाद इसके नियम बन गए हैं। राजस्थान कारखाना संशोधन नियम-2025 को सीएम ने मंजूरी दे दी है। इसके नियमों में कारखानों में महिलाओं की सुरक्षा और नाइट शिफ्ट में काम करने से जुड़ी सुरक्षा शर्तें जोड़ी हैं।

अब महिलाओं की सहमति से उन्हें नाइट शिफ्ट में काम करवाया जा सकेगा, लेकिन सुरक्षा से जुड़े सभी प्रबंध करने होंगे। नए नियमों के अनुसार कारखाना स्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षा उपकरण, फेरा शील्ड, हीट शील्ड, ग्लब्स आदि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करनी होंगी।

खतरनाक कैटेगरी के कारखानों में महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध हटाया

कारखाना संशोधन नियमों में महिला श्रमिकों को खतरनाक कैटेगरी के माने जाने वाले कारखाने से जुड़े कामों में काम करने से प्रतिबंध हटाया गया है। महिलाएं अब सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ खतरनाक कैटेगरी वाले कारखानों में काम कर सकेंगी।

राज्य सरकार ने केंद्र के निर्देशों के बाद नियमों में बदलाव किए हैं। केंद्र के कंप्लायंस रिडक्शन एंड डिरेगुलेशन डॉकेट की पालना में राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन किए हैं।

जयपुर: जयपुर सेंट्रल जेल में जेल विभाग और आरएसी की सख्ती के बाद भी जेल प्रहरियों के पास सामान मिलने का सिलसिला जारी है। सर्च के दौरान जेल प्रहरी को वार्ड नंबर 8 की मेन दीवार के बीच में एक पार्सल मिला। पार्सल में एक हल्के रंग की टेनिस बॉल मिली। टेनिस बॉल को काट कर खोला गया तो उसमें 2 नग पताका, 502 बीडी और कुबेर जर्दे की पुड़िया मिली।

जयपुर सेंट्रल जेल प्रहरी ज्योति जांगिड़ ने लाल कोठी थाने में एक रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि उन्हें सर्च के दौरान जानकारी मिली की जेल में टेनिस बॉल के जरिए बीड़ी-जर्दा आ रहा हैं। तलाशी के दौरान बॉल के अंदर बीड़ी और जर्दा मिला। जेल में बंद कैदी और बंदियों से पूछताछ की गई तो कोई जानकारी नहीं दी।

एएसआई लाल कोठी थाना सूरजमल ने बताया कि जेल प्रहरी ज्योति की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई हैं। जेल में कैसे बॉल के जरिए यह सभी सामान पहुंचाई जा रही है और कहां से यह बॉल आ सकती है, इसे लेकर जांच की जाएगी।

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अयोध्याअयोध्या में हाल में आयोजित दीपोत्सव के जलते दीयों को सफाईकर्मियों द्वारा तुरंत हटाने और बुझाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने इसकी तीखी आलोचना की और नगर निगम पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया।

पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर अयोध्या नगर निगम के सफाईकर्मी रविवार को दीपोत्सव के बाद जलते दीयों को झाड़ू से हटाते और बुझाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जय शंकर पांडे ने बुधवार को कहा कि इस प्रकार के कार्यों से आम जनता की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने कहा, भगवान राम जी के वनवास से लौटने की खुशी में लोगों ने सरयू नदी के किनारे भक्ति और आस्था के साथ लाखों दीये जलाए थे। उन जलते दीयों को झाड़ू से बुझाना और तुरंत उन्हें हटाना निश्चित रूप से हिंदू धर्म पर एक हमला है।

सपा के स्थानीय नेताओं ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए इसे आस्था का ‘अपमान’ बताया।

विवाद पर अयोध्या नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा, हो सकता है कि कुछ दीये जल रहे हों, लेकिन जब तक सफाईकर्मी पहुंचे तब तक अधिकतर दीये बुझ चुके थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में रविवार को अयोध्या में नौवां भव्य दीपोत्सव समारोह आयोजित किया गया था।

कोलकाता: अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त, तर्कसंगत और वैज्ञानिक सोच पर आधारित भारत के निर्माण के उद्देश्य से कोलकाता में पहली बार नास्तिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन 5 नवम्बर, बुधवार को सुबह 10 बजे से राजा बाजार स्थित राममोहन लाइब्रेरी हॉल में होगा।

कार्यक्रम का आयोजन ‘नास्तिक मंच’ की ओर से किया जा रहा है, जो लंबे समय से समाज में तर्क, विज्ञान और समानता की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए सक्रिय है। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य कुप्रथा विरोधी कानून के प्रवर्तन, धर्म आधारित शासन और जातिवादी व्यवस्था के विरोध तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धारा 299 को निरस्त करने की मांग को आगे बढ़ाना है।

‘नास्तिक मंच’ के महासचिव प्रताप चंद्र दास ने कहा, इस सम्मेलन के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वास, धर्म के नाम पर हिंसा, भेदभाव और असमानता के खिलाफ एक संगठित आवाज बुलंद करना हमारा मकसद हैं। उनका मानना है कि स्वतंत्रता और समानता की दिशा में तर्क और विज्ञान ही समाज को सही मार्ग दिखा सकते हैं।

हालांकि दास ने कहा कि इस देश में नास्तिकों के लिए रैलियां या सभाएं करना आज भी आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘नास्तिक मंच’ वास्तव में ‘चार्वाक दर्शन’ से प्रेरित है और अब तक नवद्वीप, नदिया और उत्तर 24 परगना के अन्य भागों में दर्जनों सम्मेलनों का आयोजन कर चुका है, जिसमें उग्रवादियों से मिली धमकियों के बावजूद अच्छी संख्या में लोग शामिल हुए थे।

यह पहली बार है जब वे कोलकाता में कदम रख रहे हैं और कार्यक्रम स्थल पर लगभग 600-700 लोगों के आने की उम्मीद है। संगठन ने कोलकाता में पुलिस सुरक्षा की भी मांग करने की योजना बनाई है। सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, तर्कवादी विचारकों, वैज्ञानिकों और युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी की उम्मीद है।

क्या है BNS की धारा 299

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य से संबंधित है, जिसके कारण धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती है। इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को तीन साल तक की कैद, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जा सकता है। 

  • अपराध: भारत के नागरिकों के किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के इरादे से, मौखिक, लिखित, संकेतों, या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से अपमान करना।
  • सजा: तीन साल तक की कैद, या जुर्माना, या दोनों।
  • महत्व: यह कानून धार्मिक सद्भाव और सामाजिक शांति बनाए रखने में मदद करता है, और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करने के महत्व पर जोर देता है। 

रावतपुर में तेज रफ्तार कार के बिजली के खंभे से टकराने पर खिड़की से सिर बाहर किए बैठे युवक की मौके पर मौत हो गई। कर्मचारी मालिक से झूठ बोलकर कार लाया था और उसे हिरासत में ले लिया गया है।

कानपुर : कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। पीछे वाली सीट पर खिड़की के बाहर सिर निकाल कर बैठे युवक का सिर खंभे से टकरा गया। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। आगे सीट पर बैठे ड्राइवर और उसके साथी को भी चोटें आई हैं। काकादेव निवासी कार मालिक सुशील का आंबेडकर पुरम में पानी का प्लांट है।

उनके मुताबिक मंगलवार रात मसवानपुर निवासी उनका कर्मचारी तनु मां की तबियत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में ले जाने की बात कह कर कार ले गया था। सुबह सूचना मिली कि कार का एक्सीडेंट हो गया है। पुलिस पूछताछ में गाड़ी चालक तनु ने बताया है कि अपने बगल की सीट बैठे मसवानपुर निवासी ऋतिक और पीछे सीट पर बैठे मसवानपुर निवासी शांतनु (18) के साथ तेज रफ्तार में शन्नेश्वर चौराहे की ओर आ रहा था।

चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
आगे मोड़ पर गाड़ी अनियंत्रित हो गई पीछे बैठे शांतनु का सिर खिड़की से बाहर था। शांतनु का सिर खंभे से टकरा गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ये मालिक से झूठ बोलकर गाड़ी लाए थे। एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया कि चालक तनु को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बीकानेर में कलेक्टर रेजिडेंस के पास महिला जज से लूट, बदमाशों ने लात मारकर गिराया, चेन तोड़ी; दांत टूटा, टांके लगाने पड़े

कुमास में प्रतिभाओं का 29 को होगा सम्मान ।
कुमास (मण्डावा) ग्राम में विशाल सिंह जी शेखावत निहाल कंवर सा मेमोरियल ट्रस्ट (रजि.) कुमास/चूरू के तत्वावधान में शेखावाटी में होम्योपैथी के पुरोधा, अन्तर्राष्ट्रीय वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा विशेषज्ञ एवं ट्रस्ट के संस्थापक मैंनेजिंग ट्रस्टी चेयरमेन डॉ. अमरसिंह शेखावत की अध्यक्षता में, मण्डावा ठाकुर अंगद देव सिंह के मुख्य आतिथ्य एवं अजाज नबी प्रिंसिपल के विशिष्ट आतिथ्य में ग्राम कुमास की होनहार प्रतिभाओं का सम्मान समारोह सोमवार 29 सितम्बर को रात्रि 8 बजे श्री जीण जमवाय माता जी चौक कुमास में आयोजित होगा।
श्री जीण-जमवाय माता जी मन्दिर के व्यवस्थापक रामबाबू पारीक के अनुसार इस अवसर पर प्रतिभाओं के सम्मान के साथ-साथ अभावों से जुझकर साधारण परिवार की प्रतिभा जिन्होंने अपनी मेहनत व लगन से उच्च अंक प्राप्त कर सरकारी सेवा प्राप्त की है उनको तथा ग्राम के अन्य समाज सेवी एवं भामाशाह का भी अभिनन्दन किया जायेगा। समारोह के साथ-साथ हसन एण्ड पार्टी द्वारा लोक देवी जीण-जमवाय माताजी की महिमा से संबंधित एवं भक्ति संगीत भजनों से जनमानस में धार्मिक जागृति पैदा करेंगे।

CBSE ने 2026 में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट जारी की
कक्षा 10 की परीक्षाएँ 17 फ़रवरी से शुरू होकर 9 मार्च तक चलेंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएँ 17 फ़रवरी से शुरू होकर 9 अप्रैल को समाप्त होंगी।


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