चूरू – शेखावाटी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन के तत्वावधान में राजीव मार्केट स्थित श्रद्धा होम्यो. एण्ड योगा सेन्टर पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमन की 271 वीं जयन्ती एवं विश्व होम्योपैथी दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। होम्योपैथी युनिवर्सिटी, जयपुर के संरक्षक व सलाहकार डॉ. अमरसिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में होम्योपैथ्स ने डॉ. हैनिमन के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। प्रारंभ में बिसाऊ के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित डॉ. हैनिमन वंदना प्रस्तुत की तथा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमरसिंह शेखावत ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया।समारोह में एसोसिएशन के सचिव डॉ. बी. के. शर्मा ने बताया कि होम्योपैथी के जन्मदाता डॉ. सैम्युअल हैनिमन का जन्म जर्मनी के सेक्सोनी मेशन में गरीब कुम्भकार के घर में 10 अप्रैल 1755 में हुआ। गरीबी से संघर्ष करते हुए होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का आविष्कार कर उन्होने दुनिया को एक नई राह दिखाई। आज दुनिया के करीब 145 देशों में होम्योपैथी को सरकारी मान्यता मिली हुई है।शेखावाटी में होम्योपैथी के पुरोधा डॉ. अमरसिंह शेखावत ने बताया कि हिन्दुस्तान में होम्योपैथी का बहुत अच्छा प्रचार-प्रसार होते हुए सबसे ज्यादा इस चिकित्सा पद्धति द्वारा पीड़ित मानव की सेवा की जा रही है। इस अवसर पर डॉ. शेखावत ने बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सा वैज्ञानिक, कारगर, सुलभ, बिना साइड इफैक्ट के स्थायी इलाज की पद्धित है। इसका भारत तथा विदेशों में तीव्र गति से विकास हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों का होम्योपैथी के प्रति रूझान बढ़ा है।एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. बी.एल. गौड. ने आभार जताया। समारोह में डॉ. सुभाष नायक, डॉ. प्राची शाकद्वीप, डॉ. विजय शर्मा, डॉ. कौशल, डॉ. डी. दास, डॉ. हर्षवर्द्धन शेखावत, डॉ. राकेश, विनोद क्याल, केवल चैनाणी, जे.के. सीकरिया, नीरज जोशी, विजय कुमार गोस्वामी, एस.एम. सैनी, पवन ठठेरा, विजय शर्मा आदि ने डॉ. हैनिमन को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

विश्व होम्योपैथी दिवस एवं डॉ. हैनिमन जयन्ती मनाई, होम्योपैथिक चिकित्सा है बिना साइड इफैक्ट के स्थाई इलाज की पद्धति
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