दफ्तरों में बैठे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन : बाबू, सहायक, चपरासी बनकर कार्यालयों में बैठे, सफाई के काम में लगाने के लिए निकायों को आदेश

जयपुर: प्रदेश की नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) में सफाई कर्मचारी के पद पर नौकरी लगे उन लोगों पर अब एक्शन होगा, जो सफाई काम करने के बजाए दफ्तरों में हाजिरी लगा रहे हैं। स्वायत्त शासन निदेशालय ने एक आदेश जारी करके प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के अधिशाषी अधिकारियों, आयुक्तों को निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं इन कर्मचारियों की एरिया वाइज उपस्थिति गूगल शीट पर हर माह अपलोड करके निदेशालय में भेजने के निर्देश दिए हैं।

21 हजार से ज्यादा पदों पर हुई थी सीधी भर्ती

दरअसल साल 2018 में करीब 21 हजार से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती की थी। इस भर्ती में आवेदन के बाद सीधे कैटेगिरी वाइज लॉटरी निकाली गई, जिसमें सफल रहे अभ्यर्थियों को नौकरी दी गई। अब इनमें से अधिकांश कर्मचारी ऐसे हैं जो अपना मूल काम (शहर में साफ-सफाई करना) करने के बजाए निकायों के दफ्तरों में ही बाबू, जूनियर असिस्टेंट, चतुर्थ श्रेणी का काम कर रहे हैं। इसके अलावा कई कर्मचारी नेताओं (विधायक, मंत्री या अन्य पदों पर लगे जनप्रतिनिधियों) के निजी सहायक यहां सेवाएं दे रहे हैं। इस कारण निकायों और शहरों में सफाई का काम प्रभावित हाे रहा है। मजबूरन निकायों को कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारी लगाकर सफाई का काम करवाना पड़ रहा है।

निकायों से मांगी एरिया वाइज उपस्थिति शीट

इस स्थिति को देखते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने एक आदेश जारी करके सभी नगरीय निकायों के प्रमुखों को ऐसे कर्मचारियों को मूल काम में वापस लगाने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही निकाय प्रमुखों से निदेशालय ने निकायों में नियुक्त कर्मचारियों की एरिया वाइज जानकारी और उनकी उपस्थिति (अटेंडेंस) विभाग की गूगल शीट पर भरकर हर महीने भेजने के निर्देश दिए है।

दूसरी जगह लगे कर्मचारियों को बुलाने के आदेश

निकायों में दफ्तरों में काम करने के अलावा कई कर्मचारी दूसरे विभागों या जगहों पर काम करके अपने मूल काम से बच रहे है। ऐसे कर्मचारियों को भी निकायों में वापस बुलाने के निर्देश दिए है। कई कर्मचारी अभी जिलों में कलेक्ट्रेट या दूसरे दफ्तरों में काम कर रहे है। उन कर्मचारियों को भी निकायों में वापस बुलाने और मूल काम में लगाने के लिए कहा है। अगर कोई कर्मचारी इस मूल काम को करने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ विभाग के स्तर पर कार्यवाही करने के लिए कहा है।

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