चिड़ावा की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी रविन्द्र को 20 साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया है। विशिष्ट न्यायाधीश इसरार खोखर ने 17 गवाहों और 34 दस्तावेजों के आधार पर यह निर्णय दिया।
मामला 18 जनवरी 2022 का है। पीड़िता की माता ने चिड़ावा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोपी पर अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर सीकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अपहरण और बलात्कार की धाराओं में चालान पेश किया था। अदालत में पीड़िता की ओर से एडवोकेट मोहम्मद खादिम हुसैन ने पैरवी की।
न्यायाधीश ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की समीक्षा के बाद आरोपी को दोषी पाया। हालांकि, सह-आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया। एडवोकेट खादिम हुसैन ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया।

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