लक्ष्मणगढ़ उपखंड के तीन उप स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर हालत मरीजों के लिए खतरा बन गई है। नरसास, बीदासर और राजपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति अत्यंत खराब है। मामूली बरसात में इन भवनों की छत से जगह-जगह पानी टपकने लगता है। दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और प्लास्टर गिरने लगा है।
सड़क से नीचे बने होने के कारण परिसर में बारिश का पानी भर जाता है। इससे मरीजों और स्टाफ की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में यह स्थिति सामने आई है। इन भवनों में रखे उपकरण और दवाइयों के भी खराब होने का खतरा बना हुआ है।
राज्य सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इन जर्जर भवनों को बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थायी रूप से स्वास्थ्य सेवाएं शिफ्ट की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान राजपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति काफी चिंताजनक पाई गई। सड़क से नीचे होने के कारण बारिश के बाद यहां पानी भर जाता है। कमरों का प्लास्टर उखड़ चुका है और दीवारों में पेड़-पौधे उग आए हैं। मुख्य भवन को बंद कर पास के एक कमरे में केंद्र संचालित किया जा रहा है।
वहां भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। एक ही कमरे में सीएचओ और एएनएम को सेवाएं देनी पड़ रही हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सीएचओ ललिता ने बताया कि बारिश में पानी भरने से मरीजों और स्टाफ को काफी परेशानी होती है।
बीसीएमएचओ डॉ. दिनेश कसवां ने कहा-तीनों केंद्रों को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। जर्जर भवनों को बंद करवा दिया गया है। एईएन पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत या नए भवन का निर्माण किया जाएगा।
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