चूरू: एडीजे कोर्ट ने डोडा-पोस्त तस्करी के दोषी आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। राज्य सरकार की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे एपीपी राजेश माटोलिया ने बताया कि रतननगर के तत्कालीन एसएचओ ने 18 जुलाई, 2018 को नाकाबंदी कर एक कार में ले जाया जा रहा 44 किलो 800 ग्राम डोडा-पोस्त जब्त किया।
माटोलिया ने बताया कि पुलिस ने डोडा-तस्करी के आरोप में मदनलाल जाट निवासी डूंगरसिंहपुरा को गिरफ्तार किया। एक आरोपी रामप्रताप जाट निवासी डूंगरपुरा मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एडीजे कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में ट्रायल के दौरान 17 मौखिक व 43 दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रदर्शित करवाया गया। एडीजे राजेंद्र चौधरी ने पत्रावली पर आए मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन कर और दोनों पक्ष की सुनवाई कर आरोपी मदनलाल को दोष सिद्ध मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में दूसरे आरोपी रामप्रताप को दोष मुक्त किया गया।
नाबालिग बेटी से रेप के दोषी पिता को कठोर दंड:चूरू पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा
चूरू के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक पिता द्वारा अपनी 15 वर्षीय बेटी से रेप के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। मामले की शुरुआत 2023 में हुई, जब पीड़िता के मामा ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि 2020 में उसकी मां की मौत के 15 दिन बाद से ही पिता उसके साथ रेप कर रहा था। पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी पिता ने दवा देकर गर्भपात करा दिया। विरोध करने पर वह पीड़िता के साथ मारपीट करता था। उसने बेटी की पढ़ाई भी बंद करवा दी थी।अगस्त 2023 में भी आरोपी ने मारपीट कर नाबालिग बेटी से रेप किया। महिला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

Leave a Reply