सीकर के बहुचर्चित धीरीश उर्फ गन्नू हुड्डा किडनैपिंग केस के 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। डीजे कोर्ट ने तीनों दोषियों सुनील कुमार, आनंदपाल और योगेश पर जुर्माना भी लगाया है।
वहीं, मामले में कोर्ट ने 4 आरोपियों को बरी कर दिया। जबकि एक आरोपी की घटना के बाद मौत हो चुकी थी।
कोर्ट ने कहा- इस अपराध में मृत्युदंड का प्रावधान है। लेकिन घटना के वक्त आरोपी सुनील की उम्र 30, आनंदपाल की 19 और योगेश की 23 साल थी। ऐसा कोई एविडेंस पेश नहीं हुआ कि ये तीनों आरोपी समाज के लिए खतरा हों या इनका यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में आता हो। इसलिए इन्हें कारावास और अर्थदंड से दंडित किया जाना उचित है।
नाना स्कूल छोड़ने जा रहे थे, बोलेरो में ले गए किडनैपर सरकारी वकील सांवरमल बिजारणियां और सीनियर एडवोकेट राजेंद्र हुड्डा ने बताया- घटना सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में 4 अक्टूबर 2022 को हुई थी। सीकर की APS स्कूल के संचालक महावीर हुड्डा के 9 साल के बेटे गन्नू को उसके नाना जस्साराम स्कूटी से स्कूल छोड़ने के लिए जा रहे थे।
इसी दौरान रास्ते में एक सफेद रंग की बिना नंबर की बोलेरो आई थी। बोलेरो में 2-3 लोग सवार थे। इन्होंने गाड़ी से स्कूटी को टक्कर मारी। इसके बाद जस्साराम के साथ मारपीट करके गन्नू का किडनैप कर लिया था।
12 घंटे में पुलिस ने बच्चे को ढूंढ लिया था यह सीकर का हाईप्रोफाइल केस था। पुलिस की कई टीम बच्चे को किडनैपर के चंगुल से बचाने के लिए लगी रहीं। इस दौरान किडनैपर ने गन्नू के पिता को कॉल करके 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
करीब 12 घंटे बाद ही पुलिस ने जनसहयोग से बच्चे को ढूंढ लिया था। इस संबंध में स्कूल स्टाफ प्रमेंद्र ने सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था।
27 गवाह और 144 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए पुलिस ने मामले में 8 आरोपी सुनील कुमार पुत्र शुभकरण, आनंदपाल पुत्र बाबूलाल, योगेश पुत्र झुथाराम, हिमांशु उर्फ बॉबी, संदीप कुमार, रोहित कुमार, मनोज कुमार और सुभीता को गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश किया।
मामले में सीनियर एडवोकेट राजेंद्र हुड्डा ने परिवादी पक्ष की तरफ से पैरवी करते हुए कुल 27 गवाह और 144 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। आरोपी रोहित की कोर्ट में केस चलने के दौरान 2024 में मौत हो चुकी थी। ऐसे में उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई बंद कर दी गई थी।
आज जज राजेंद्र कुमार ने तीन दोषियों सुनील, आनंदपाल और योगेश को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने तीनों पर जुर्माना लगाते हुए गन्नू को 1 लाख रुपए क्षतिपूर्ति के दिलाए जाने को निर्देशित किया है। मामले में हिमांशु, संदीप, मनोज और सुभीता को बरी कर दिया है।
फैसले से खुश बच्चे की मां फैसला आने के बाद गन्नू की मां मंजू हुड्डा ने कहा कि उनके पास कोर्ट का धन्यवाद बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। अपराधी चाहे कैसा ही अपराध क्यों न कर लें, उसकी सजा उसे जरूर मिलेगी। न्यायपालिका सर्वोपरि है।






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