झुंझुनूं में न्याय मित्र बोले- शहर की स्थिति बिगड़ रही:गंदगी, सीवरेज और मिसिंग डॉक्युमेंट्स पर उठाए सवाल; 8 सुझाव भी दिए

जिला लोक अदालत झुंझुनूं द्वारा नगर पालिका मंडावा के लिए नियुक्त न्याय मित्र केके गुप्ता ने 2 सितंबर को शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद, उन्होंने समीक्षा बैठक भी ली। न्याय मित्र गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट स्थायी एवं अनवरत लोक अदालत (जिला एवं सेशन न्यायालय) झुंझुनूं को सौंपी है। इस संबंध में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को भी स्थिति से अवगत कराया है।

अपनी रिपोर्ट में, उन्होंने नगर पालिका मंडावा के अधिकारियों द्वारा सहयोग न करने और निर्देशों की अवहेलना करने पर गंभीर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप शहर चलो अभियान को सफल बनाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि शहर की स्थितियां दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।

नगर पालिका के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे

न्याय मित्र गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण और बैठक के दौरान अधिशाषी अधिकारी मौजूद नहीं थे, जबकि उन्हें पत्र और फोन के माध्यम से सूचित किया गया था। यह न्यायालय के आदेशों के प्रति उनकी गंभीरता की कमी को दर्शाता है। अधिशाषी अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाई।

मंडावा में व्याप्त प्रमुख समस्याएं और न्याय मित्र के सुझाव

न्याय मित्र ने निरीक्षण के दौरान कई समस्याओं को उजागर किया और उनके समाधान के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए-

1. स्वच्छता एवं कचरा संग्रहण:

शहर के कई वार्डों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और कचरा संग्रहण का काम ठीक से नहीं हो रहा है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है।

सुझाव: सफाई व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए कर्मचारियों को नियमित और पाबंद किया जाए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके शत-प्रतिशत घरों से कचरा इकट्ठा किया जाए।

2. वर्षा जल निकासी:

वर्षा का पानी लंबे समय तक जमा होने से सड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यह समस्या विशेष रूप से वार्ड संख्या 2, 3, मुख्य रामगढ़ रोड और बिसाऊ रोड पर ज्यादा है।

सुझाव: गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था तुरंत की जाए और वर्तमान में मशीनों से पानी को निकाला जाए।

3. सीवरेज कार्य में अनियमितता:

सीवरेज का काम असंतोषजनक है। सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों और घरों में जा रहा है। इसके अलावा, कनेक्शन के लिए खोदे गए गड्ढों की मरम्मत न होने से भी आम जनता को परेशानी हो रही है।

सुझाव: सीवरेज कार्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए, संबंधित ठेकेदारों का भुगतान रोका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

4. नगर पालिका के महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब:

नगर पालिका का सर्वे रजिस्टर गायब होने की पुष्टि हुई है, जिसमें पट्टे और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज होने की बात सामने आई है।

सुझाव: जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और लंबे समय से गायब रजिस्टर के लिए एफआईआर दर्ज करवाई जाए।

5. हेरिटेज की सुरक्षा:

हेरिटेज शहर मंडावा में रात के अंधेरे में ऐतिहासिक हवेलियों को तोड़ा जा रहा है। यह विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शहर के लिए एक बड़ा खतरा है।

सुझाव: हवेलियों को तोड़ने वाले व्यक्तियों और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

6. खराब रोड लाइटें:

शहर में अधिकांश रोड लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है।

सुझाव: बंद पड़ी रोड लाइटों को 24 घंटे के भीतर चालू करने के लिए एक टीम बनाकर काम में तेजी लाई जाए।

7. कार्यालय में स्टाफ की कमी:

नगर पालिका कार्यालय में केवल एक बाबू होने से कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं।

सुझाव: कार्यालय में बाबू की कमी के बारे में जिला कलेक्टर और उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाए।

8. सड़कों पर घूमती गायें:

सड़कों पर बड़ी संख्या में गायें घूम रही हैं, जिससे गंदगी फैल रही है, ट्रैफिक बाधित हो रहा है और प्लास्टिक खाने से गायों की मृत्यु भी हो रही है।

 

सुझाव: इन गायों को गोशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जाए।

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