झुंझुनूं शहर में इन दिनों गंदगी और कचरे के ढेरों से अटा पड़ा है। मुख्य बाजार से लेकर मोहल्लों की गलियों तक में कचरा खुले में पड़ा रहता है। नगर परिषद की लापरवाही से यह समस्या अब बड़ा रूप ले चुकी है। सड़क किनारे और घरों के बाहर जमा कचरा न केवल शहर की छवि खराब कर रहा है, बल्कि लोगों की सेहत और आवारा पशुओं की जान के लिए भी खतरा बन गया है।
गांधी चौक और मुख्य सड़कों पर हालात सबसे खराब शहर के व्यस्ततम इलाके गांधी चौक, एक नंबर रोड और दो नंबर रोड पर कचरे का अंबार लगा रहता है। यहां दुकानें और घरों से निकलने वाला कचरा सड़क किनारे ढेर लगाकर पड़ा रहता है। बदबू और मच्छरों के कारण लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। राहगीरों को नाक पर रूमाल रखकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर सफाई नहीं होने के कारण यह हालात बने हुए हैं।
रात में सीवर टैंकरों से फैल रही गंदगी शहर में एक और बड़ी समस्या सीवर टैंकरों की लापरवाही है। रात के समय ये टैंकर खुले मैदानों और नालियों में सीवर का गंदा पानी उड़ेल देते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। बरसात के दिनों में यह गंदगी पूरे इलाके में बदबू फैलाती है।
कचरा उठाने वाली गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचती स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की कचरा उठाने वाली गाड़ियां कई दिनों तक मोहल्लों में नहीं आतीं। लोग घर का कचरा सड़क किनारे डाल देते हैं। दुकानदार और राहगीर गंदगी से परेशान रहते हैं।
आवारा पशुओं पर संकट कचरे का सबसे ज्यादा नुकसान आवारा पशुओं को हो रहा है। खाने की तलाश में वे कचरे के ढेर से भोजन करते हैं। इसके साथ ही पॉलिथीन और प्लास्टिक भी निगल जाते हैं। पशुप्रेमियों का कहना है कि इन कारणों से हर साल कई पशुओं की मौत हो रही है।
गंदगी को लेकर लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद सिर्फ कागजों पर सफाई कर रही है। गांधी चौक क्षेत्र के दुकानदार गोपाल गुप्ता ने बताया, “कचरे के ढेर से व्यापार प्रभावित हो रहा है। ग्राहक यहां रुकना ही नहीं चाहते। कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
एक नंबर रोड निवासी नसीम अंसारी ने कहा, “सुबह बच्चों को स्कूल भेजते समय बदबू और गंदगी से गुजरना पड़ता है। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए।”
आयुक्त का दावा— हर दिन सुबह 11 बजे तक उठ जाता है कचरा नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने बताया कि रविवार को गाड़ियां कम चलती हैं, इसलिए कचरा समय पर नहीं उठ पाता। सोमवार को अतिरिक्त गाड़ियां भेजकर सफाई कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हर दिन सुबह 11 बजे तक कचरा उठ जाता है। आयुक्त ने दावा किया कि जिन इलाकों में कचरे का अंबार लग रहा है, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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