झुंझुनूं : जिले के धनुरी थाना क्षेत्र के लादूसर गांव में शुक्रवार देर रात एक ऐसी दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक नाना ने रिश्तों को तार-तार करते हुए पहले अपने ही दो मासूम दोहितों को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद 11 हजार वोल्ट की हाई वोल्टेज लाइन से चिपककर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक वारदात से पूरे गांव में मातम पसर गया है और हर कोई सन्न है।
शादी में खाना खिलाने के बहाने ले गया था बच्चों को जानकारी के अनुसार, लादूसर गांव के रहने वाले कैलाश पिछले चार सालों से अपने मामा रतिराम (50) के गांव में ही परिवार सहित रह रहे थे। वैसे कैलाश मूल रूप नांद गांव का रहने वाला है।
कैलाश के दो मासूम बेटे, ऋतिक (8 वर्ष) और राजीव (10 वर्ष) शुक्रवार की शाम को अपने नाना रतिराम के साथ गांव में हो रही एक शादी में खाना खाने के लिए गए थे।
रतिराम परिवार वालों से यह कहकर बच्चों को साथ ले गया था कि वह उन्हें खाना खिलाकर वापस ले आएगा।
देर रात तक बच्चों के न लौटने पर परिजनों को हुआ शक
जब रात के 8 बजे बच्चों को लेकर गया रतिराम रात के 11 बजे तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता होने लगी। उन्होंने तुरंत रतिराम को फोन किया, लेकिन उसने कॉल नहीं उठाया।
काफी देर बाद रतिराम ने खुद फोन करके बताया कि वह सीकर में है। यह सुनकर परिजनों का शक और गहरा गया, क्योंकि सुबह तक तो वह गांव में ही था।
रात करीब 12 बजे मासूमों को कुएं में फेंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रतिराम ने रात करीब 12 बजे के आसपास अपने भांजे कैलाश के दोनों मासूम बेटों को गांव के ही एक पुराने कुएं में फेंक दिया। इस घिनौने कृत्य के बाद वह घर नहीं लौटा और सुबह करीब 4 बजे के आसपास उसने गांव के पास ही 11 हजार वोल्ट की बिजली की लाइन से चिपककर अपनी जान दे दी।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही धनुरी थानाधिकारी रामनारायण चोयल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की पूरी जानकारी ली। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों मासूम बच्चों और रतिराम के शवों को कब्जे में लेकर बीडीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस सनसनीखेज मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रतिराम के इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह जानने की कोशिश की जा रही है।
पारिवारिक रंजिश या मानसिक तनाव? पुलिस खंगाल रही हर पहलू
हालांकि, रतिराम ने यह भयावह कदम क्यों उठाया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में पुलिस पारिवारिक तनाव या आपसी रंजिश की आशंका जता रही है। वहीं, गांव के कुछ लोगों का कहना है कि रतिराम पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था। पुलिस इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे लादूसर गांव में मातम का माहौल है। मासूम बच्चों के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि एक मामा ऐसा जघन्य अपराध कैसे कर सकता है। रतिराम ने जिन मासूम बच्चों को कुएं में डाला, वे अक्सर उसके साथ खेलते-कूदते थे और उस पर अटूट विश्वास करते थे। गांव का हर व्यक्ति इस घटना से स्तब्ध है और बच्चों की असामयिक मौत पर गहरा दुख व्यक्त कर रहा है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस भयानक त्रासदी के पीछे का असली कारण क्या था और क्या इस घटना में कोई और भी शामिल था। फिलहाल, लादूसर गांव शोक में डूबा हुआ है और लोग रतिराम की इस अमानवीय हरकत को लेकर गहरे सदमे में हैं।

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