झुंझुनूं में चौथे दिन भी धरने पर डंपर मालिक : आरसी निलंबन के विरोध में सड़कों पर उतरे; अधिकारी बोले- अभियान के तहत हुई थी कार्रवाई

झुंझुनूं में चौथे दिन भी धरने पर डंपर मालिक : आरसी निलंबन के विरोध में सड़कों पर उतरे; अधिकारी बोले- अभियान के तहत हुई थी कार्रवाई

झुंझुनूं: जिले में परिवहन विभाग द्वारा ओवरलोडिंग के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई के विरोध में डंपर मालिकों का आंदोलन आज लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के बाहर डंपर यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों वाहन मालिकों और चालकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में जारी किए गए ई-रवन्ना चालानों को माफ करने और निलंबित किए गए 229 डंपरों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) को बहाल करने की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परिवहन विभाग ने अचानक से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के भारी जुर्माना लगा रहा है और वाहनों की आरसी रद्द कर रहा है, जो कि अन्यायपूर्ण है।

संगठनों ने जताया समर्थन, अनशन जारी

डंपर यूनियन के इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और जय किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर डंपर मालिकों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है। पिछले दो दिनों से डंपर यूनियन द्वारा DTO कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया गया है।

कार्रवाई को बताया अभियान का हिस्सा

जिला परिवहन अधिकारी मक्खनलाल जांगिड़ ने बताया कि यह कार्रवाई केवल झुंझुनूं जिले तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राजस्थान में सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे एक प्रदेश स्तरीय अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग सड़कों के लिए एक गंभीर खतरा है और सरकार इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने चालकों को राहत देने के लिए ई-रवन्ना चालानों पर एमनेस्टी स्कीम के तहत 95% तक की छूट भी प्रदान की है। उन्होंने यह भी कहा कि जो वाहन नियम अनुसार भार लेकर चलेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि सभी नियमों का पालन करें और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके

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