फतेहपुर/रामगढ़ शेखावाटी।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) से संबद्धता प्राप्त करने और उसे बनाए रखने के लिए निजी विद्यालयों को हर वर्ष विभिन्न प्रकार के शुल्कों का भुगतान करना होता है। इन शुल्कों में अब जीएसटी (GST) शामिल कर दिए जाने के कारण विद्यालय संचालकों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वार्षिक संबद्धता शुल्क में बदलाव
RBSE के नियमानुसार, प्रत्येक निजी विद्यालय को प्रतिवर्ष ₹2000 का वार्षिक संबद्धता शुल्क जमा कराना अनिवार्य है। इस वर्ष बोर्ड ने इस शुल्क पर 18% GST जोड़ दिया है, जिससे कुल देय राशि ₹2360 हो गई है।
10 वर्षों की बकाया GST वसूली पर सवाल
बोर्ड द्वारा केवल वर्तमान वर्ष ही नहीं, बल्कि पिछले वर्षों की बकाया GST भी वसूली जा रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह बकाया कितने वर्षों का है, लेकिन वेबसाइट पर प्रदर्शित राशि को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अवधि 10 वर्ष से अधिक की है।
चिंताजनक बात यह है कि जिन विद्यालयों को मान्यता लिए अभी 10 वर्ष भी नहीं हुए, उनकी भी बकाया GST जोड़ी जा रही है, जिससे निजी विद्यालय संचालकों में भारी आक्रोश है।
फतेहपुर के विद्यालयों का विरोध
फतेहपुर शेखावाटी के कई निजी विद्यालयों ने इस निर्णय का विरोध किया है और इसे अनुचित करार दिया है। विद्यालय संचालकों का कहना है कि यह निर्णय बिना पूर्व सूचना के लिया गया है और इससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
सरकारी विद्यालयों से भी GST की वसूली
बोर्ड द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि 10 अक्टूबर 2024 से पूर्व मान्यता प्राप्त राजकीय विद्यालयों से भी GST वसूला जाएगा।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि 17 जून 2021 से 17 मार्च 2025 के बीच जिन विद्यालयों को मान्यता दी गई है, उनकी मान्यता शुल्क पर भी जीएसटी लागू किया गया है।
2026 परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू
इस बीच बोर्ड ने वर्ष 2026 की परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।
आवेदन शुरू होने की तिथि: 24 जुलाई 2025
बिना विलंब शुल्क अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025
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