झुंझुनूं पुलिस ने ऑटो में गहने चुराने वाली गैंग की 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। अलवर जिले के माधोसिंहपुरा निवासी दो महिलाओं को जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। महिलाओं को ऑटो में यात्रियों के गहने चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों महिलाओं का एक ही पति है। चोरी की वारदात दोनों मिलकर करती थी। पुलिस ने उनके पास से एक लाख रुपए से अधिक कीमत के गहने बरामद कर लिए हैं।
कोतवाली थानाधिकारी हरजिंदर सिंह ने बताया- गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान सावित्री (30) और राजोदेवी (40) पत्नी शेर सिंह बावरिया निवासी माधोसिंहपुरा थाना नीमराना जिला अलवर के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं सार्वजनिक वाहनों, खासकर ऑटो में सफर कर रहे यात्रियों के बैग से नकदी और गहनों की चोरी की वारदात करती थीं।
यह गिरफ्तारी एक अप्रैल में दर्ज मामले की जांच के दौरान हुई। 11 अप्रैल 2025 को मंडावा के भारू गांव निवासी रामनिवास मेघवाल (उम्र 60 वर्ष) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया कि वह अपनी पत्नी कमला देवी के साथ झुंझुनूं के एक ज्वेलर्स शोरूम पर गया था, जहां दोनों ने करीब एक लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने खरीदे थे।
ऑटो में बैठी औरतों ने उड़ाया लिया था बैग
रिपोर्ट के अनुसार- रामनिवास और उनकी पत्नी ने गहनों से भरा बैग अपने पास रखा और दोपहर करीब 12:30 बजे ऑटो में बैठकर गांधी चौक के लिए रवाना हुए।
प्रभात टॉकीज के पास तीन महिलाएं भी उसी ऑटो में सवार हो गईं। कुछ ही देर में जब दंपती ऑटो से उतरे, तब उन्हें बैग की चैन खुली मिली और भीतर रखे सारे गहने गायब थे। चोरी की इस घटना से दोनों पति-पत्नी हक्के-बक्के रह गए और सीधे थाने पहुंचे।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। कोतवाली थानाधिकारी हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई पवन कुमार, सिपाही प्रवीण कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने गांधी चौक से लेकर प्रभात टॉकीज तक के सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
फुटेज में संदिग्ध महिलाओं की पहचान हुई, इनके हुलिए के आधार पर पुलिस ने विभिन्न संभावित स्थानों पर दबिश दी और अंततः दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
गहने भी बरामद, पति की भूमिका संदिग्ध
पुलिस पूछताछ में दोनों महिलाओं ने जुर्म कबूल कर लिया है। उनके पास से पीड़ित दंपती से चोरी किए गए सोने व चांदी के गहने बरामद कर लिए गए हैं। थानाधिकारी हरजिंद्र सिंह के अनुसार, दोनों महिलाएं अक्सर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में ऐसे ऑटो की तलाश करती थीं जिनमें यात्री सामान लेकर बैठे हों।
फिर वे ऑटो में सवारी बनकर बैठ जातीं और एक-दूसरे को कवर देते हुए बैग के चैन खोलकर सामान गायब कर देती थीं।
इस पूरी वारदात में उनके पति शेर सिंह बावरिया की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि अब तक वह सीधे तौर पर इन वारदातों में शामिल नहीं पाया गया है, लेकिन आशंका है कि वह चोरी के गहनों की बिक्री या खपत में भूमिका निभाता रहा हो। इस बिंदू पर गहन पूछताछ जारी है।
प्रवीण कुमार का रहा अहम योगदान
इस पूरे मामले के खुलासे में सिपाही प्रवीण कुमार का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने तकनीकी और फील्ड दोनों स्तरों पर तत्परता से काम करते हुए आरोपी महिलाओं तक पुलिस को पहुंचाया। उनके प्रयास से ही आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को राहत दी जा सकी।
पुलिस का कहना: हो सकती हैं और भी घटनाएं
पुलिस को संदेह है कि आरोपी महिलाओं ने इसी तरह की कई और घटनाओं को अंजाम दिया होगा। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और पुराने केस रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं ये महिलाएं चोरी की किसी संगठित गैंग का हिस्सा तो नहीं हैं।
गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने सावित्री, पत्नी शेर सिंह बावरिया, उम्र 30 वर्ष, निवासी माधोसिंहपुरा, थाना निमराना, जिला अलवर और राजोदेवी, पत्नी शेर सिंह बावरिया, उम्र 40 वर्ष, निवासी माधोसिंहपुरा, थाना निमराना, जिला अलवर को गिरफ्तार किया है।


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