रामगढ़ शेखावाटी, कस्बे में गैस किट वाहनों में अवैध रूप से गैस भरने के गोरख धंधे के चलते पूरा कस्बा बारूद के ढ़ेर पर बैठा है और किसी दिन भयंकर हादसा अनेक मासूम लोगों की जिंदगियां लील सकता है। ऐसा नहीं कि इस गोरख धंधे के बारे में रसद विभाग अनजान है, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते पूर्व में भी पकड़े गए अवैध गैस सिलेंडरों के जखीरों के मामलों में कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई जिसके परिणाम स्वरूप आज भी यह धंधा बेखौफ फल-फूल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां अनेक लोग इस धंधे में लिप्त हैं वहीं कस्बे के अंदर भी अनेक स्थानों पर इस अवैध कारोबार की जानकारी मिल रही है।
इसी क्रम में आज मंगलवार को रसद विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग 52 चूरू मार्ग पर एक कार्यवाही करते हुए एक प्रतिष्ठान विनायक ओटो गैस से 34 अवैध गैस सिंलेडर पकड़े है जिनमें से एक सिलेंडर गैस से भरा हुआ था, शेष 33 सिलेंडर खाली थे। यहांं तेजपाल नामक व्यक्ति गैस किट वाले वाहनों में अवैध रूप से एलपीजी गैस भरने का अवैध कारोबार करता बताया गया है। टीम ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी जिसके आधार पर इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया है। जब्त किये गए सिलेंडर रसद विभाग टीम द्वारा अम्बिका गैस एजेंसी रामगढ़ को सुपुर्द कर दिये गए।
एक सिलेंडर मिला लावारिस
एक ओर जहां रसद विभाग फतेहपुर की निरीक्षक सुनीता के नेतृत्व में 34 अवैध गेस सिलेंडरों के पकड़े जाने की कार्यवाही चल रही थी, किसी ने सूचना दी कि सामने हाइवे रोड़ के दूसरी ओर खड्डे में एक सिलेंडर पड़ा है। रसद विभाग की टीम ने जाकर देखा तो एक भरा हुआ गैस सिलेंडर लावारिस हालत में पड़ा था जिसे अीम ने जब्त कर लिया। लावारिस हालत में मिला सिलेंडर भारत गैस कम्पनी का था जबकि रामगढ़ में भारत गैस की कोई एजेंसी नहीं है जिससे यह शक भी गहराता है कि अवैध गैस भरने के कारोबार में लगे लोगों के तार अन्य स्थानों से भी जुड़े हुए हैं।
सामने एक मोटर कारखाने वाले द्वारा भी अवैध गैस का कारोबार करने की शिकायत मिली
जब तेजपाल के मकान में पकड़े गए 34 अवैध गैस सिलेंडरों की जब्ती की कार्यवाही चल रही थी, कुछ लोगों ने टीम को शिकायत की कि सामने रोड़ के दूसरी ओर स्थित एक मोटर गैरेज कारखाने में भी अवैध गैस भरने का काम किया जा है। लोगों ने मांग की कि वहां भी कार्यवाही की जाये। टीम ने कार्यवाही में व्यस्तता का बहाना लेकर अनसुना कर दिया। सम्भवत: लावारिस मिला गैस सिलेंडर उनका ही हो सकता है जो अन्य सिलेंडरों को हटाते सतय वहां गिर गया। हालांकि खानापूति के तौर पर बाद टीम उस कारखाने में गई लेकिन कोई सिलेंडर नहीं मिला। रसद विभाग की निरीक्षक बस उन्हें ज्ञान देकर वापिस आ गई। लोगों का आरोप है कि रसद विभाग की आंखों के सामने ही वहां से सिलेंडर हटाये गये लेकिन टीम ने कार्यवाही में व्यस्तता के बहाने उन्हें अवैध सिलेंडरों को हटाने का भरपूर मौका दिया। लोगों का यह भी आरोप है कि उसके तार चूरू गैस एजेंसी से जुड़े हैं। ऐसे में भारत गैस कम्पनी का सिलेंडर उनके ठीक बगल में लावारिस हालत में मिलने पर भी इस बात को बल मिलता है।
आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण गेरेज वाले द्वारा ही शिकायत की सम्भावना
तेजपाल के मकान से जहां 34 गैस सिलेंडर मिले थे ठीक उसके सामने हाईवे रोड़ के दूसरी ओर स्थित मोटर गेरेज कारखाने वाला भी वाहनों में अवैध रूप से गैस फिलिंग का काम करता है। तेजपाल द्वारा भी यही काम करने से उसके धंधे पर असर पड़ रहा था, इसलिए उसी ने तेजपाल के सिलेंडरों के बारे में रसद विभाग को शिकायत की हो, ऐसा लोगों का मानना है। लोगों के बार-बार कहने के बावजूद रसद विभाग की टीम के कानों पर जूं तक नहीं रेंगना यह साबित करता है कि टीम ने उसे अवैध सिलेंडरों को हटाने का पूरा मौका दिया।
पहले भी पकड़े गए सिलेंडर, कोई कार्यवाही नहीं हुई
जनचर्चाओं के अनुसार पूर्व में भी कस्बे में अवैध गैस भरने का काम करने वालों पर कार्यवाही करते हुए अवैध सिलेंडर पकड़े गए थे लेकिन मामला रफा-दफा कर दिया गया। हालांकि रसद विभाग ने ऐसी किसी कार्यवाही से इंकार किया है मगर पूर्व में कस्बे में सिलेंडरों के पकड़े जाने की चर्चा जोरों पर है। तो क्या यह सब रसद विभाग की आंखों के सामने हो रहा है। फिर तो आज एक जगह कार्यवाही करना और दूसरे के लिए टालमटौल इस बात को साबित तो नहीं करता।
पकड़े गए गैस सिलेंडरों के बारे में जानकारी देते अंबिका गैस एजेंसी के प्रबंधक राहुल सर्राफ
पकड़े गए गैस सिलेंडरों के बारे में जानकारी देते रसद विभाग की टीम के अधिकारी

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