शिक्षा विभाग में खाली पदों को भरने की तैयारी : सचिव बोले- विभागीय प्रमोशन के बाद 20 हजार पदों पर क्रिएट होगी वैकेंसी


राजस्थान की भजनलाल सरकार शिक्षा विभाग में रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए शिक्षकों के प्रमोशन के साथ ही बंपर भर्ती निकलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार न सिर्फ प्रदेशभर में सालों से लंबित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी है। वहीं, 2026 तक रिटायर्ड होने वाले पदों पर भी भर्ती करने की तैयारी कर रही है।

शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया है कि शिक्षा विभाग में काफी पद खाली हैं। इसके साथ ही डीपीसी भी लंबित चल रही है। सरकार द्वारा इन दोनों मुद्दों पर भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जा रहे है। सरकार ने बीते डेढ़ साल में 28 हजार नियुक्तियां दी हैं। 21 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। जो भर्तियां पाइप लाइन में हैं, उनमें मुख्यमंत्री ने 2027 तक रिक्त होने वाले पदों को ध्यान में रखते हुए 50% पद जोड़ने की अनुमति दी है।

कृष्ण कुणाल ने कहा कि भर्ती एक लंबी प्रक्रिया है। अगर आज कोई भर्ती शुरू होती है तो 1 साल बाद रिजल्ट आता है। ऐसे में 31 मार्च 2026 के हिसाब से रिजल्ट आते – आते 2027 हो जाएगा। इसलिए शिक्षा विभाग कि भर्तियों में एडवांस 50% पद जोड़े जा रहे हैं। इसका इम्पैक्ट ग्रेड थर्ड टीचर पर भी आएगा।

20 हजार वैकेंसी होगी क्रिएट

कृष्ण कुणाल ने बताया- आखरी बार स्टाफिंग पैटर्न 2014 में हुआ था। इसलिए इस बार स्टाफिंग पैटर्न कर रहे हैं। स्टाफिंग पैटर्न के बाद नए-नए कैडर क्रिएट हो गए हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार वैकेंसी तैयार की जा रही है। ऐसे में सफिशिएंट वैकेंसी हो जाएंगी।

उन्होंने बताया- फिलहाल ग्रेड थर्ड से वरिष्ठ अध्यापक की डीपीसी पेंडिंग चल रही है। उसमें कोर्ट में अपनी बात रखकर उसे विड्रॉ किया जाएगा। उससे तुरंत 20 हजार वैकेंसी क्रिएट हो जाएंगी। ऐसे में फिलहाल वैकेंसी खाली होने से पहले उसे भरने की तैयारी की जा रही है, ताकि अगले 2 साल में राजस्थान में टीचर्स की वैकेंसी न के बराबर हो जाएगी।

हालांकि वरिष्ठ अध्यापक के 2129 और व्याख्याता के 2202 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग भर्ती करने जा रही है। लेकिन इसके बाद भी हजारों पद खाली रह जाएंगे। इन्हें लंबित डीपीसी से भरा जाएगा। जबकि प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक के 1 लाख 9 हजार 542 स्वीकृत पदों में से 37 हजार 249 पद खाली हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने RPSC के माध्यम से महज 2 हजार 129 पदों पर ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इसी तरह स्कूल व्याख्याता के 57 हजार 194 पदों में से 18 हजार 651 पद खाली हैं। लेकिन सिर्फ 2 हजार 202 पदों पर ही भर्ती प्रस्तावित है। इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने भी ज्यादा पदों पर भर्ती की मांग की है।

प्रमोशन से रिक्त पदों को भरे सरकार

राजस्थान प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा- शिक्षकों के काफी पद रिक्त चल रहे हैं। यह पद शिक्षकों के प्रमोशन से भरे जा सकते हैं। ग्रेड थर्ड से वरिष्ठ अध्यापक पद पर 5 साल से प्रमोशन नहीं हुए हैं। जबकि लगभग करीब 30 हजार पदों पर प्रमोशन होने हैं। ऐसे में जब तक प्रमोशन नहीं होंगे। तब तक पोस्ट खाली ही रहेगी। हालांकि फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में केस लंबित चल रहा है। इस वजह से प्रमोशन नहीं हो पा रहे हैं। इसी तरह वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पद पर 5 साल में से 2 साल की डीपीसी हो चुकी है, अब 3 साल की डीपीसी बची है। ऐसे में अधिकतर पोस्ट प्रमोशन से भरे जा सकते हैं।

शर्मा ने कहा- यदि स्टाफिंग पैटर्न अपनाया जाता है। तो 38 हजार नए पद सृजित होंगे। उसमें आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे और आधे पद प्रमोशन से भर सकेंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार 1 जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र से पहले शिक्षकों का प्रमोशन करे। ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सभी विषय के अध्यापक मिल सकें।

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