सुभाष हत्याकांड में तीसरे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं :परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े; कलक्ट्रेट घेराव की तैयारी

सुभाष हत्याकांड में तीसरे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं :परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े; कलक्ट्रेट घेराव की तैयारी

झुंझुनूं: दुबई से अपने गांव लौटे युवक की हत्या का मामला तूल पकड़ रहा है। परिजनों ने तीसरे दिन भी शव नहीं लिया। वे गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं और शव का अंतिम संस्कार कराने के मना कर दिया है।

अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर परिजनों और सर्व समाज के लोगों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा।

मामला झुंझुनूं के बिरमी के धनुरी थाना इलाके का है। शव बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा है।

सबसे पहले पढ़िए आखिर क्यों चल रहा धरना…

होटल पर हुई थी मारपीट

सुभाष मेघवाल विदेश में काम करता था। वह 5 मई को अपने गांव धनुरी आया था। उसे 20 मई को वापस कुवैत लौटना था। इस दौरान 16 मई की रात वह धनुरी के रोहिड़ा बस स्टैंड के पास एक होटल पर खाना खाने गया था। जानकारी के अनुसार, खाना खाने के बाद उसकी त्रिलोका का बास निवासी मुकेश जाट से उसकी कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद मुकेश और उसके साथियों ने सुभाष पर जानलेवा हमला कर दिया था।

9 दिन चले इलाज के बाद मौत

परिजनों को सुभाष होटल के बाहर खून से लथपथ हालत में मिला था। इसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत झुंझुनूं के राजकीय बीडीके अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे 18 मई को जयपुर रेफर कर दिया गया था। जयपुर में भी इलाज के दौरान उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। ऐसे में, सुभाष को चौमूं के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

25 मई की रात सुभाष ने दम तोड़ दिया। सुभाष के शव को झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। क्योंकि परिजन और समाज के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।

गिरफ्तारी तक नहीं होगा अंतिम संस्कार

सुभाष की मौत के बाद से सर्व समाज के लोग बीडीके अस्पताल में लगातार धरने पर बैठे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक न तो पोस्टमॉर्टम होने दिया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार। प्रशासन द्वारा उन्हें समझाने के लगातार प्रयास किए गए, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण सभी वार्ताएं विफल रही हैं।

पुलिस पर निष्क्रियता और दोषियों को बचाने का आरोप

 

इस मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबाने का प्रयास कर रही है और दोषियों को बचा रही है। इसी के खिलाफ अब लोग एकजुट होकर आंदोलन की राह पर हैं और जल्द ही शहर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव करने की तैयारी में हैं।

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