सीकर में छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई।24 दिसंबर को हुई गिरफ्तारियों के विरोध में शुक्रवार को दोपहर तीन बजे एसएफआई के कार्यकर्ता जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
एसएफआई के कार्यकर्ताओं का शुक्रवार को एक दिवसीय जिला सम्मेलन था। सम्मेलन के बाद कार्यकर्ता ढाका भवन पर इकट्ठे हुए और एसपी ऑफिस तक आक्रोश रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। एसपी ऑफिस के बाहर रोकने पर एसएफआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
घर से उठाना एकदम अलोकतांत्रिक और दमनकारी कदम एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा- पिछले दिनों मुख्यमंत्री के रामगढ़ शेखावाटी दौरे के दौरान पुलिस द्वारा छात्र संगठन एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल, जिला उपाध्यक्ष सुमेर बुडानिया, कैलाश बलारा समेत 2 अन्य लोगों को घर से उठाना एकदम अलोकतांत्रिक और दमनकारी कदम था।
कार्यकर्ताओं ने सीकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। आगे से जब भी सरकार का कोई मंत्री या मुख्यमंत्री सीकर जिले में आएगा, तो एसएफआई अपनी मांगों का ज्ञापन देकर विरोध दर्ज करवाएगी, क्योंकि यह छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। पुलिस ने छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया है, वह लोकतंत्र में निंदनीय है।
छात्र नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र का मजाक एसएफआई राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सीएम के हर दौरे से पहले सीकर में छात्र नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र का मजाक है। 24 दिसंबर को सीएम के रामगढ़ शेखावाटी और सालासर दौरे से पहले सीकर और सालासर में पुलिस ने रात को छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की, इससे छात्र समुदाय में काफी आक्रोश है।
एसपी ऑफिस पर विरोध-प्रदर्शन हुआ जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एक स्टूडेंट यूनियन की जीत पर सीएम बधाई देते हैं और राजस्थान में पिछले 3 साल से छात्रसंघ चुनाव बंद है। 24 दिसंबर को छात्र नेताओं की अनुचित गिरफ्तारी के पुलिस और प्रशासन के इस दमनकारी कदम के विरुद्ध आज एसपी ऑफिस पर विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर काफी संख्या में एसएफआई जिला कमेटी के सदस्य और कार्यकर्ता मौजूद थे।






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