RSS प्रमुख बोले-भारत जरूर बनेगा विश्वगुरु, कोई संदेह नहीं, राम मंदिर बनने को लेकर पहले लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है ■ रेल में कंफर्म मिलेगा टिकट, गर्मियों में चलेंगी 18 हजार 262 समर स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने X पर किया ऐलान ■ UP का प्रयागराज देश में सबसे गर्म, पारा 45.2°C पहुंचा, राजस्थान समेत 5 राज्यों के 14 शहरों में पारा 44°C पार; ओडिशा में सोमवार से स्कूल बंद ■ राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के टूटने पर भड़के अरविंद केजरीवाल, बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप ■ बंगाल चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान, किसी भी बूथ पर दोबारा मतदान (रीपोल) की जरूरत नहीं पड़ी ■ पेटीएम पेमेंट्स बैंक लाइसेंस RBI ने रद्द किया, कहा- इसकी बैंकिंग सेफ नहीं, ग्राहकों को लौटाने के लिए पर्याप्त पैसा; UPI एप काम करता रहेगा ■
RSS प्रमुख बोले-भारत जरूर बनेगा विश्वगुरु, कोई संदेह नहीं, राम मंदिर बनने को लेकर पहले लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है ■ रेल में कंफर्म मिलेगा टिकट, गर्मियों में चलेंगी 18 हजार 262 समर स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने X पर किया ऐलान ■ UP का प्रयागराज देश में सबसे गर्म, पारा 45.2°C पहुंचा, राजस्थान समेत 5 राज्यों के 14 शहरों में पारा 44°C पार; ओडिशा में सोमवार से स्कूल बंद ■ राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के टूटने पर भड़के अरविंद केजरीवाल, बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप ■ बंगाल चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान, किसी भी बूथ पर दोबारा मतदान (रीपोल) की जरूरत नहीं पड़ी ■ पेटीएम पेमेंट्स बैंक लाइसेंस RBI ने रद्द किया, कहा- इसकी बैंकिंग सेफ नहीं, ग्राहकों को लौटाने के लिए पर्याप्त पैसा; UPI एप काम करता रहेगा ■
IAS अफसर आरती डोगरा के खिलाफ ACB जांच पर रोक: हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकलपीठ का आदेश बदला; भ्रष्टाचार की जताई थी आशंका
जयपुर :डिस्कॉम की चेयरपर्सन और IAS आरती डोगरा को 24 घंटे में ही राहत मिल गई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के एसीबी जांच के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी है।
आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से सीनियर एडवोकेट आर एन माथुर ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की बेंच में बहस करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन जांच लंबित हैं।
इन सभी जांचों पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं है।
एकलपीठ ने जताई थी भ्रष्टाचार की आशंका
दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने गुरुवार को आरती डोगरा के खिलाफ ACB जांच का आदेश दिया था। जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर RK मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था- डिस्कॉम चेयरपर्सन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पर फैसला जानबूझकर कई महीनों तक रोककर रखा था। इन परिस्थितियों में, इस मामले में भ्रष्टाचार का संदेह करने के पर्याप्त आधार नजर आते हैं।
इसलिए ACB इस मामले की जांच करे और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट जमा करे। कोर्ट ने कहा था- हमें लगता है कि सीएमडी अपने कर्तव्यों की पालना करने में विफल रही है।
याचिका लगाने के बाद 3 चार्जशीट दी
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उसने साल 2022-23 की डीपीसी को चुनौती देते हुए दिसंबर 2023 में कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और डीओपी के सर्कुलर के बाद भी बिना रोस्टर मेंटेन (संधारण) किए डीपीसी कर रहा है।
इसकी वजह से उन्हें एक्सईन से सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन नहीं मिल सका। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिका लगाने के बाद उसे अलग-अलग कारणों से तीन चार्जशीट दे दी गई।
1 मई से जनगणना का पहला चरण,ऑनलाइन खुद कर सकेंगे: 15 मई से 14 जून तक मकानों की गिनती, एक स्कूल के पूरे स्टाफ की ड्यूटी नहीं लगा सकेंगे
जनगणना के प्रथम चरण हाउस लिस्टिंग के लिए ट्रेनिंग सेशन संपन्न हो चुके हैं।
सीकर : जनगणना 2027 को लेकर सीकर में तैयारी तेज हो गई है। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण (House Listing) और भवन गणना (Building Numbering) कार्य को लेकर उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों का वन डे स्पेशल ट्रेनिंग कैंप्स संपन्न हो गए हैं। अब हाउस लिस्टिंग के लिए ड्यूटी लगाने का काम शुरु हो गया है।
जिला जनगणना अधिकारी ADM रतन कुमार स्वामी ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को फील्ड में उतरकर ‘सघन मॉनिटरिंग’ करनी होगी। इस बार जनगणना में टेक्नीक को भी काम में लिया जा रहा है। 1 मई से स्व-गणना का पोर्टल शुरू हो जाएगा। सभी अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में नागरिकों को ‘स्व-गणना’ के लिए मोटिवेट करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा डाटा डिजिटली मिल सके।
मुख्य जनगणना अधिकारी कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि स्व-गणना के प्रति जागरुकता के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्व-गणना से किसी भी डाटा एंट्री में मिस्टेक की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। उपजिला जनगणना अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि सीकर जिले में जनगणना का पहला चरण 15 मई से 14 जून तक चलेगा। इस दौरान जिले के प्रत्येक भवन और मकान की सूची तैयार की जाएगी। भवनों की विस्तृत गणना कर उनकी नंबरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रगणकों (Enumerators) की नियुक्तियां और अन्य प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो गई हैं।
जिला जनगणना अधिकारी ADM स्वामी ने कहा कि गणना के काम में टीचर्स की ड्यूटी लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी विद्यालय का पूरा स्टाफ एक साथ जनगणना कार्य में ना लगाया जाए, ताकि स्कूलों में डेली टीचिंग का काम प्रभावित नहीं हो। प्रथम चरण के मास्टर ट्रेनर महेश कुमार ने अधिकारियों को स्व-गणना पोर्टल पर लॉगिन करने, डेटा प्रविष्टि (Data Entry) की प्रक्रिया और मोबाइल ऐप के माध्यम से होने वाली सभी एंट्री के तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया है।
रानोली में दूध ट्रक-ट्रैक्टर ट्रॉली की भीषण टक्कर:पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया; दोनों वाहन सीकर की ओर जा रहे थे
सीकर: रानोली थाना क्षेत्र में शनिवार अल सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ। त्रिलोकपुरा और गोरिया के बीच दूध से भरे मिनी ट्रक और पत्थरों से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की जोरदार टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर ट्रॉली पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब दोनों वाहन सीकर की ओर जा रहे थे। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक और ट्रक चालक दोनों को गंभीर चोटें नहीं आईं। वे बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सूचना मिलने पर रानोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर थाने पहुंचाया, जिससे यातायात सुचारू हो सका।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में तेज गति और लापरवाही को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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Bengal Elections: भबानीपुर में ममता vs सुवेंदु, 2nd फेज में TMC के अभेद दुर्ग को भेदकर BJP हासिल कर पाएगी सत्ता?
कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengal elections 2026) में पहले चरण में बंपर 92 फीसदी वोटिंग हुई। रेकॉर्ड वोटिंग टर्नआउट के बाद प्रधानमंत्री व BJP के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दावा किया कि यह परिवर्तन की लहर है। भाजपा के कद्दावर नेताओं ने दूसरे चरण के लिए भी अपनी ताकत झोंक दी है। इस बार बीजेपी का लक्ष्य पश्चिम बंगाल के दक्षिण इलाके में तृणमूल कांग्रेस के गढ़ को भेदकर सत्ता हासिल करना है। इस चरण में कई हाईप्रोफाइल सीटें हैं। भवानीपुर में भी 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। यहां पश्चिम बंगाल की नेता सदन यानी सीएम ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर है।
दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग
पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग हुई। 92.9 फीसदी वोटिंग हुई। अब दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होना है। जिन इलाकों में दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे, वह सीएम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के गढ़ वाले क्षेत्र हैं। दूसरे चरण में जिन सीटों पर मतदान होगा, उनमें आठ चुनावी जिले शामिल हैं। कोलकाता नॉर्थ और साउथ की 11 सीटें, हावड़ा की 16 सीटें, नदिया की 17 सीटें, उत्तर 24 परगना की 33 सीटें, दक्षिण 24 परगना की 31 सीटें, हुगली की 18 सीटें और पूर्वी बर्धमान की 16 सीटों पर वोटिंग होगी। साल 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को इन 142 में से 123 सीटों पर जीत हासिल हुई थी, जबकि बीजेपी के खाते में सिर्फ 18 सीटें आई थी।
भवानीपुर में सुवेंदु बनाम ममता के बीच काटें की टक्कर
दक्षिण कोलकाता की भबानीपुर सीट इस बार के चुनाव में सबसे हॉट सीट है। यहां सीएम ममता को नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी चुनौती दे रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को लगभग 1,900 वोटों से हराया था। चुनाव आयोग की विशेष गहन समीक्षा (SIR) के बाद भबानीपुर में करीब 51,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का 21% है। 2021 के उपचुनाव में ममता की जीत का मार्जिन लगभग 58,800 वोट था, ऐसे में यह नाम कटौती उनके लिए चुनौती बन सकती है।
ममता बनर्जी अब भबानीपुर पर खास फोकस कर रही हैं। वे यहां टीएमसी कार्यकर्ताओं से बैठकें कर रही हैं और पहली बार ग्रासरूट स्तर पर प्रचार करने वाली हैं। कोस्मोपॉलिटन इलाके में गैर-बंगाली मतदाताओं को साधने के लिए वे जैन मंदिर और सिख गुरुद्वारों का दौरा करेंगी। साथ ही हाईराइज सोसाइटियों में पदयात्रा और बंद कमरों में बैठकें कर रही हैं।अमित शाह भी भबानीपुर समेत प्रमुख सीटों पर BJP की रणनीति देख रहे हैं। नंदीग्राम में पहले चरण का मतदान हो चुका है, अब सुवेंदु अधिकारी पूरा फोकस भबानीपुर पर केंद्रित कर रहे हैं।
TMC के कई नेताओं की किस्मत दांव पर
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में टीएमसी के कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम (कोलकाता पोर्ट), वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (दम दम उत्तर), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शशि पांजा (श्यामपुकुर), विद्युत मंत्री अरूप बिस्वास (टॉलीगंज), शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु (दम दम), और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं राज्य मंत्री सुजीत बसु (बिधाननगर) चुनावी मैदान में हैं।
Churu Accident: घोड़ी पर दूल्हा, डीजे पर नाचते बाराती…तभी आई हादसे की खबर, बदल गया माहौल, अब तक चार लोगों की मौत
जली हुई जीप
चूरू। सिद्धमुख निवासी सुरेन्द्र भार्गव और पिलानी की हिमांशी की शादी के बीच थिरपाली गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे की खबर ने पूरे समारोह का माहौल बदल दिया। बारात पहुंचने और रस्में चलने के दौरान मिली इस सूचना के बाद खुशियों का माहौल अचानक शांत हो गया और शादी की रस्में सादगी में पूरी करनी पड़ीं।
दुल्हन हिमांशी की मां सुनीता भार्गव ने भावुक होते हुए बताया कि पिलानी के एक गेस्ट हाउस में गुरुवार रात ‘कोरथ’ की रस्म पूरी हो चुकी थी और परिवार के लोग घर की ओर बढ़ रहे थे। दूल्हा ढुकाव के लिए घोड़ी पर सवार था, डीजे पर बाराती नृत्य कर रहे थे। इसी दौरान हादसे की सूचना मिली, जिससे हर कोई स्तब्ध रह गया। उन्होंने बताया कि इस एक दिन के लिए महीनों से तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे की खबर मिलते ही सब कुछ बदल गया।
कई परिवारों को गहरा दर्द, उपचार के दौरान एक की और मौत
थिरपाली छोटी गांव के पास गुरुवार देर रात हुए भयावह सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। हादसे में उपचाराधीन एक जने की शुक्रवार को मौत हो गई। हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने मृतकों के नाम पहचान कर लिए हैं, लेकिन डीएनए टेस्ट के बाद ही शव परिवारों को सौंपे जाएंगे। हादसे में तीन लोगों की जिन्दा जलने से गुरुवार देर रात ही मौके पर ही मौत हो गई थी।
जबकि हादसे में झुलसे युवकों में से मंदरपुरा (हनुमानगढ़) निवासी कमल पुत्र रोहिताश भार्गव ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह दूल्हे के मामा का लड़का था। शुक्रवार सुबह एएसपी रिछपाल चारण, आईपीएस अभिजीत पाटिल, थाना अधिकारी रायसिंह सुथार सहित पुलिस के अधिकारी एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाए।
जल्दबाजी में पूरी हुई शादी की रस्में
हादसे की सूचना के बाद दूल्हा तुरंत कार से घर पहुंचा, जबकि दुल्हन उस समय पार्लर में थी। उसे बीच में ही वापस बुलाया गया। घर पहुंचने पर माहौल बदला हुआ था। ऐसे में बिना किसी औपचारिक आयोजन के वरमाला और फेरों की रस्म जल्दबाजी में पूरी की गई। इसके बाद परंपरागत रस्मों को सीमित रखते हुए दूल्हा-दुल्हन को विदा कर दिया गया। शुक्रवार सुबह की रस्में भी संक्षिप्त रूप से निभाई गईं।
तैयारियां अधूरी रह गईं
दुल्हन की भुआ मंजू भार्गव ने बताया कि बारात और मेहमानों के लिए बड़े स्तर पर भोजन की व्यवस्था की गई थी। करीब 700 लोगों के खाने की तैयारी थी, सूचना मिलने तक करीब 200 लोग भोजन कर चुके थे लेकिन हादसे की सूचना के बाद लोग धीरे-धीरे वहां से जाने लगे और माहौल पूरी तरह बदल गया। बड़ी मात्रा में तैयार भोजन उपयोग में नहीं आ सका।
सामान घर में ही रखा रह गया
शादी लम्बे समय से तैयारियां की गई थीं। हिमांशी को देने के लिए जुटाए गए सामान को ले जाने के लिए सिद्धमुख से वाहन भी आ चुका था, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह सामान भी फिलहाल घर में ही सुरक्षित रखा गया है।
Kanpur Weather:भीषण गर्मी का कहर; 31 मई तक कानपुर में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक धूप में न निकलने की सलाह
कानपुर में बढ़ते तापमान के कारण हाइपरथर्मिया के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने 31 मई तक इमरजेंसी हीट अलर्ट जारी किया है और लोगों को दोपहर 10 से 3 बजे तक घर में रहने की सलाह दी है।
कानपुर : तेजी से बढ़ रहा तापमान आइसीयू तक पहुंचा रहा है। एलएलआर, उर्सुला और कांशीराम चिकित्सालय की ओपीडी हाइपरथर्मिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इससे ग्रसित मरीज चक्कर आना, पेट का संक्रमण, बुखार, दस्त, उल्टी और निर्जलीकरण के लक्षण लेकर फिजीशियन के पास पहुंच रहे हैं। जो अनदेखी और सामान्य लू समझकर घर पर ही इलाज कर रहे हैं। यह उनकी जान के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसे ही एक मरीज का इलाज एलएलआर अस्पताल की इमरजेंसी में चल रहा है। जो आइसीयू में भर्ती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी इमरजेंसी हीट अलर्ट में 31 मई तक तापमान की वृद्धि को देखते हुए लोगों को 10 से दोपहर तीन बजे तक घर में रहने की ही सलाह दी गई है। हीट वेव के खतरे को देखते हुए ही सरकारी अस्पतालों में एसी और कूलर युक्त विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं, जहां पर हीट वेब से ग्रसित मरीजों का इलाज प्राथमिकता पर किया जाएगा।
हाइपरथर्मिया एक चिकित्सीय स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान सामान्य स्तर से अधिक बढ़ जाता है। यह तब होता है जब शरीर बहुत अधिक गर्मी सोख लेता है या गर्मी को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता है, जिससे शरीर का तापमान अधिक हो जाता है। 19 अप्रैल को ओपीडी में प्रतिदिन 100 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें बुखार के साथ मांसपेशियों में ऐंठन, सिरदर्द, चक्कर आना और मतली के साथ तेज सांस लेना और हृदय गति का बढ़ जाना और अधिक पसीना आने की समस्या भी मिल रही है।
वहीं, इमरजेंसी में 10 से 12 मरीज गर्मी की चपेट में आकर भर्ती हो रहे हैं। इसमें गंभीर मामलों में आइसीयू की जरूरत पड़ रही है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि मई-जून वाली गर्मी अप्रैल में पड़ने से बीमारियों का जोखिम बढ़ गया है। इसको देखते हुए इमरजेंसी के रेड जोन और विशेष वार्ड को तैयार किया गया है।
हृदय, किडनी, ब्रेन और मेटाबालिज्म पर असर
आइएमए की पूर्व अध्यक्ष डा. नंदिनी रस्तोगी ने बताया कि हीट वेव शरीर पर अत्यधिक दबाव डालती है, इस कारण और हृदय, किडनी, मस्तिष्क और मेटाबालिज्म पर असर पड़ता है। शुरुआती गर्मी इसलिए भी खतरनाक होती है। क्योंकि इसमें पसीना देर से आता है और शरीर में सोडियम की कमी होने लगती है। इसके विपरीत मई-जून तक शरीर धीरे-धीरे अनुकूल हो जाता है, इससे पसीना जल्दी और अधिक प्रभावी ढंग से आने लगता है तथा रक्त संचार बेहतर हो जाता है। उन्होंने कहा कि 45 डिग्री तापमान शरीर पर अधिक दबाव डालता है। इससे डिहाइड्रेशन, बेहोशी और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। भीषण गर्मी में रक्त वाहिकाएं फैलती हैं और हृदय को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। वहीं, किडनी पानी बचाने के लिए अधिक क्रियाशील हो जाती है। इस कारण ही बिना काम किए गर्मी के दिनों में अधिक थकान लगती है।
तीन से सात डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता शहर का तापमान
गर्मी के दिनों में कानपुर का तापमान आस-पास के शहरों की तुलना में तीन से सात डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है। इसे अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव कहा जाता है। तेजी से बढ़ रहा कंक्रीट का विस्तार, पेड़ों की कमी, वाहनों और एसी की गर्मी से रात का तापमान बढ़ने लगता है। इससे शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता है। इस कारण ही आंतों में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती है।
गर्मी में होने वाली समस्याएं
पेट फूलना।
एसिडिटी।
भूख कम लगना।
पेट में दर्द।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव।
गर्मी के कारण
सेरोटोनिन और डोपामिन में बदलाव होने लगता है।
डिहाइड्रेशन से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम होना।
कार्टिसोल (तनाव हार्मोन) बढ़ता है।
हीट स्ट्रोक मेडिकल इमरजेंसी
डा. नंदिनी रस्तोगी ने कहा कि हीट स्ट्रोक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर से पसीना आना बंद होता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को ठंडी जगह ले जाएं। पानी डालकर शरीर को ठंडा करें। सीधा लेटाकर पैर ऊपर रखें। होश में आने पर ओआरएस का पानी दें।
सरकारी स्कूलों में AI जांचेगा कॉपियां शिक्षा विभाग ने जोधपुर से की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत, यहां 75 हजार बच्चों की लगभग 3 लाख कॉपियां AI ने 4 दिन में जांच दी, हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों की कॉपियों के परिणाम मिले, पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो यह मॉडल प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में होगा लागू, इसके बाद बच्चों और अभिभावकों को मिलेगी डिटेल रिपोर्ट
सीकर : रींगस-श्रीमाधोपुर रोड पर भीषण सड़क हादसा तीन वाहनों की भिड़ंत में आधा दर्जन घायल, पिकअप और दो कारों में हुई जबरदस्त भिड़ंत, ईको कार में सवार दो घायलों को राजकीय उप जिला अस्पताल से किया रैफर, वहीं आई-20 कार में सवार 5 घायलों का निजी अस्पताल में चल रहा उपचार, श्रीमाधोपुर रोड पर छीलावाली के समीप हुआ हादसा, ड्यूटी ऑफिसर हैड कांस्टेबल खेमचंद यादव ने दी जानकारी
चूरू: राजमेस के अधीन प्रदेश के 7 मेडिकल कॉलेजों में 1267 नियमित पद समाप्त कर दिए गए हैं। इनमें चूरू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज के 156 पद भी शामिल हैं। इस निर्णय के विरोध में मंगलवार को डीबी अस्पताल के नर्सिंग अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया…
रामगढ़ शेखावाटी: कस्बे की श्री सागरमल वासुदेव ढंड राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 3 में आज एक हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। भामाशाह परिवार के समाजसेवी एवं शिक्षा प्रेमी श्री रमेश ढंड एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को मिठाई, स्कूल बैग, ज्योमेट्री बॉक्स सहित अन्य आवश्यक शिक्षण सामग्री का वितरण किया…
सीकर: गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री रो रहा था, तब हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। ईरान-इजरायल विवाद के समय भी प्रधानमंत्री नहीं रोए थे, लेकिन आज हमारे प्रधानमंत्री आंसू बहा रहे थे। डोटासरा मंगलवार को सीकर के सांगलिया में कोजाराम सेवदा द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भूमिदान…