रामगढ़ शेखावाटी (जिला सीकर) — नगर के नये बस स्टैंड के पास स्थित S.T.P. सीवरेज कार्यालय परिसर आज एक ‘अस्थायी कचरा घर’ में तब्दील हो चुका है। यहां नगरपालिका द्वारा पूरे नगर से उठाया गया कचरा, जिसमें प्लास्टिक, सड़ा-गला भोजन, घरेलू कचरा, अस्पताल का वेस्ट और मृत जानवरों के शव तक शामिल हैं, खुले में डाला जा रहा है। इस कचरे का अंबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और इससे उठने वाली दुर्गंध कई किलोमीटर दूर तक महसूस की जा सकती है।
»मुख्य मार्ग पर कचरे का कब्ज़ा
यह स्थान नये बस स्टैंड से बाईपास को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जिस पर दिनभर यातायात चलता है। अब हालात यह हैं कि कचरा सड़क पर फैल गया है, जिससे लोगों को गुजरना मुश्किल हो गया है। दुर्गंध इतनी तीव्र है कि वाहन चालक मुंह पर कपड़ा बांधकर यहां से गुजरते हैं। पैदल यात्री और स्थानीय दुकानदार लगातार इस बदबू और गंदगी से परेशान हैं।
»आसपास की बस्ती पर कहर
कचरे के ढेर के पास बस्तियां बसी हुई हैं। यहां रहने वाले परिवार छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं। मच्छरों, मक्खियों और कीटाणुओं का प्रकोप बढ़ गया है। बरसात के मौसम में यह कचरा सड़कर जहरीली गैसें और दूषित पानी फैलाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया, हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि हालात ऐसे ही रहे तो यहां कोई महामारी फैलना तय है, जो कोरोना से भी भयावह रूप ले सकती है।
»आवंटित स्थान को छोड़कर नियम तोड़ रहा प्रशासन
जानकारी के अनुसार, नगरपालिका मण्डल को कचरा निस्तारण के लिए एक अलग स्थान आवंटित किया गया था, लेकिन वहां कचरा डालना बंद कर दिया गया और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए S.T.P. कार्यालय परिसर को ही स्थायी कचरा डंप बना दिया गया। यह काम न केवल सरकारी नियमों के खिलाफ है, बल्कि आसपास रहने वालों के जीवन और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
»जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और स्वार्थी राजनीति
प्रतिपक्ष के नेता भंवर लाल सैनी ने इस पूरे मामले में जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपी है और उच्च अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नगरपालिका प्रशासन और अध्यक्ष बेशर्मी की हद पार कर चुके हैं। कुछ कांग्रेसी पार्षद और स्वार्थी लोग सिर्फ अध्यक्ष की हां में हां मिलाते हैं और जनता की समस्याओं की ओर आंख मूंदे बैठे हैं।
हालात इतने खराब हैं कि अगर कोई पत्रकार इस गंदगी और भ्रष्टाचार की आवाज उठाता है, तो पालिका प्रशासन और अध्यक्ष सफाई कर्मचारियों को भड़का कर उनके खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगवाते हैं। कुछ लोग तो यहां तक कह देते हैं कि “कोई समस्या नहीं है, सब ठीक है” — मानो गंदगी के इस ढेर को वे अपनी उपलब्धि समझते हों।
»आम जनता में डर और आक्रोश
इस मुद्दे पर आम जनता भी खुलेआम बोलने से डर रही है। एक ओर उन्हें बीमारी और बदबू का सामना करना पड़ रहा है, दूसरी ओर प्रशासन की तानाशाही और राजनीति के कारण वे चुप हैं। हालांकि, धीरे-धीरे जन आक्रोश बढ़ रहा है और लोग आंदोलन के मूड में हैं। शिकायत में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही कचरा हटाकर स्वच्छता बहाल नहीं की गई, तो नगर के लोग आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
📌 तथ्य और स्थिति
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कचरे में मृत पशु, प्लास्टिक और सड़ा-गला कचरा
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मुख्य मार्ग पर कचरे का फैलाव
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दुर्गंध से लोगों का निकलना मुश्किल
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मच्छर-मक्खी और बीमारियों का बढ़ता खतरा
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प्रशासन द्वारा आवंटित स्थान की अनदेखी
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जनप्रतिनिधियों की चुप्पी, पत्रकारों पर दबाव
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जनता आंदोलन की चेतावनी
शिकायतों एवं समाचारों का असर
नगर पालिका रामगढ़ के अधिशासी अधिकारी श्री जय करण गुर्जर ने हमें दो फोटो एवं एक वीडियो उपलब्ध कराया है जिसके अनुसार जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (जलदाय विभाग) के पास सफाई की हुई दिखाई दे रही है एवं नए बस स्टैंड के पास सीवरेज के एसटीएफ के पास कचरा संग्रहण के लगे कचरे के ढेर का निस्तारण किया जा रहा है। अच्छी बात है, देर आए दुरुस्त आए। लेकिन भविष्य में यह सक्रियता एवं कर्मण्यता निरंतर बनी रहनी चाहिए।



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