सीकर कलेक्ट्रेट में ढोल बजाते हुए पहुंचे वकील:बोले- सोई हुई सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, सीकर संभाग व नीमकाथाना जिला बहाली की मांग

सीकर कलेक्ट्रेट में ढोल बजाते हुए पहुंचे वकील:बोले- सोई हुई सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, सीकर संभाग व नीमकाथाना जिला बहाली की मांग

सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला बहाल करने की मांग को लेकर अभिभाषक संघ, सीकर के वकीलों का धरना-प्रदर्शन 63वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को वकीलों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए सीकर कलेक्ट्रेट पर ‘ढोल बजाओ प्रदर्शन’ किया। ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे वकीलों ने कहा कि यह प्रदर्शन ‘गूंगी-बहरी’ भाजपा सरकार को जगाने का प्रयास है।

अभिभाषक संघ के अध्यक्ष भगीरथ जाखड़ ने कहा- पिछले 63 दिनों से वे लगातार सीकर संभाग और नीमकाथाना जिले की बहाली की मांग कर रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए समय देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई। यह सरकार जनता और वकीलों की आवाज को अनसुना कर रही है।

वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2023 में सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला बनाया था। जिसके लिए प्रशासनिक ढांचा भी तैयार हो चुका था। हालांकि, भाजपा सरकार ने दिसंबर 2024 में इनका दर्जा रद्द कर दिया जिसके बाद से शेखावाटी क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

स्थानीय लोगों और संगठनों का कहना है कि संभाग और जिला रद्द होने से प्रशासनिक कार्यों के लिए जयपुर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। इस आंदोलन को कांग्रेस, वामदल, और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। वकीलों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क जाम और बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।

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