महिलाएं समाज की धुरी, महिला साक्षरता से हो सामाजिक उन्नयन : आर्य59 वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित, जिला प्रमुख वंदना आर्य ने दिया महिला साक्षरता पर विशेष जोर

महिलाएं समाज की धुरी, महिला साक्षरता से हो सामाजिक उन्नयन : आर्य59 वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित, जिला प्रमुख वंदना आर्य ने दिया महिला साक्षरता पर विशेष जोर

चूरू, 08 सितंबर। जिला प्रमुख वंदना आर्य के मुख्य आतिथ्य में सोमवार को 59 वां “अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस” के अवसर पर चूरू पंचायत समिति सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रमुख वंदना आर्य ने कहा कि साक्षरता केवल शिक्षा नहीं, बल्कि अधिकारों की पहचान है। साक्षरता केवल मात्र अक्षर ज्ञान नहीं होकर आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी हैं। जब एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार और समाज शिक्षित होता है। आज भी हमारे समाज में कई महिलाएं शिक्षा से वंचित हैं। इसलिए सामाजिक उन्नयन के लिए महिला साक्षरता पर विशेष ध्यान देना होगा। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम ऐसी महिलाओं तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाएं।

जिला साक्षरता अधिकारी राजेंद्र प्रसाद गहलोत ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम (2022-2027) में जिले की प्रगति से अवगत करवाते हुए वित्तीय वर्ष 2025- 26 में आवंटित लक्ष्य 99223 असाक्षरों का सर्वे कर उनको साक्षरता कक्षाओं में पढ़ाकर शत— प्रतिशत साक्षरता लक्ष्य प्राप्त करने की रुपरेखा की जानकारी दी।
एसीबीईओ सूर्यकांत शर्मा ने चूरू ब्लॉक के सभी असाक्षरों को चिन्हित कर साक्षर करने के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर अतिथियों ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 नवसाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशस्ति— पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अशोक कुमार ढाका, चिरंजीलाल सैनी, उम्मेद सिंह, धर्मेंद्र कुमार तिवारी सहित अन्य उपस्थित रहे। संचालन सहायक परियोजना अधिकारी राजेंद्र सिंह ने किया।

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