झुंझुनूं से चूरू जा रही एक रोडवेज बस में बुधवार शाम बड़ा हादसा होते-होते टला। 40 यात्रियों से भरी बस के पिछले टायर बिसाऊ थाना इलाके में अचानक निकल गए। सवारियों की जान खतरे में आ गई, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ ने सभी को बचाया।
घटना बिसाऊ स्थित स्लीपर फैक्ट्री के पास हुई । सवारियों के अनुसार- बस की गति धीमी थी, जिसके कारण ड्राइवर ने तुरंत बस को नियंत्रित कर लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित सड़क किनारे रोक दिया।
टायरों के नट खुले, टायर खुलकर लुढ़कने लगे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- जैसे ही बस स्लीपर फैक्ट्री के पास पहुंची, उसके पिछले टायरों के नट खुल गए और दोनों टायर लुढ़कते हुए सड़क पर दूर चले गए। यह देखते ही बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लेकिन ड्राइवर ने बिना घबराए तुरंत बस को संभाला और किनारे खड़ा कर दिया।
ड्राइवर ने बताया कि बस की गति धीमी होने से वह नियंत्रण बनाए रख सका। अगर गति तेज होती तो बस पलट सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।
एक घंटे तक झुंझुनूं- चूरू मार्ग जाम रहा हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला। चूंकि बस अब आगे नहीं जा सकती थी, इसलिए लोगों की मदद से सभी यात्रियों को दूसरी गाड़ियों में बिठाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।
घटना के कारण करीब एक घंटे तक झुंझुनूं- चूरू मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही बिसाऊ पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
बसों के नियमित रख-रखाव की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि स्लीपर फैक्ट्री क्षेत्र में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस घटना के बाद यात्रियों ने भी रोडवेज प्रशासन से बसों का नियमित रूप से रखरखाव और तकनीकी जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि रोडवेज की कई बसें पुरानी हैं और सही सर्विसिंग के अभाव में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल, बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया है।
खबरें और भी हैं…
- 🐄 गो-सम्मान आह्वान अभियान महायात्रा का भव्य स्वागत, गोसंरक्षण के लिए संकल्प
- विश्व होम्योपैथी दिवस एवं डॉ. हैनिमन जयन्ती मनाई, होम्योपैथिक चिकित्सा है बिना साइड इफैक्ट के स्थाई इलाज की पद्धति
- चूरू में तेज हवाओं के साथ हुई हल्की बारिश:पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम, तापमान में आई गिरावट
- धरने पर बैठे किसानों पर मधुमखियों का हमला:सरसों की फसल जलाने के विरोध में किसानों का चल रहा था विरोध प्रदर्शन
- विश्व होम्योपैथी दिवस एवं डॉ. हैनिमन जयन्ती 10 अप्रैल को

Leave a Reply