सीकर, चूरू, झुंझुनूं में रेत का बवंडर, दिन में अंधेरा छाया:ट्रैफिक बैरियर गिरे और होर्डिंग फटे, 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी

सीकर, चूरू, झुंझुनूं में रेत का बवंडर, दिन में अंधेरा छाया:ट्रैफिक बैरियर गिरे और होर्डिंग फटे, 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी

राजस्थान के सरहदी जिलों से शुरू हुई आंधी का असर आज सीकर में भी देखने को मिला। सीकर में दोपहर 3:30 बजे के करीब अचानक आंधी का गुब्बार छा गया। इसके बाद करीब 10 मिनट तक 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, हालांकि इस आंधी में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन शहर में जगह-जगह होर्डिंग फट गए और ट्रैफिक पुलिस के बैरियर भी गिर गए।

मौसम में यह बदलाव वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने की वजह से आया है। इससे पहले सीकर में आज पूरे दिन धूप रही। आगामी दिनों की बात करें तो सीकर में मौसम को लेकर कोई अलर्ट नहीं है।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते आज सीकर में तापमान में बड़ी गिरावट आई। आज दिन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 41 डिग्री था। न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री रहा।

चूरू में उठा धूल का गुबार, चली तेज काली-पीली आंधी:प्रचंड गर्मी के बीच राहत की दस्तक, अगले 4-5 दिन बारिश का अलर्ट

चूरू में दो दिन पहले तक प्रचण्ड गर्मी से बेहाल चूरू जिले के लोगों को शनिवार को मौसम में आए अचानक बदलाव से राहत मिली। दोपहर बाद चूरू, तारानगर तहसील और मेहरी गांव सहित कई इलाकों में तेज धूलभरी काली-पीली आंधी चली।

आंधी के दौरान आसमान में धूल का गुबार छा गया और तेज हवाओं के कारण लोगों के घरों में मिट्टी भर गई। हालांकि आंधी के बाद मौसम साफ हो गया और भीषण गर्मी व गर्म हवाओं से लोगों को राहत महसूस हुई।

तारानगर और मेहरी में धूलभरी आंधी का असर

शनिवार दोपहर चूरू, तारानगर क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में धूल का गुबार छा गया और तेज गति से काली-पीली आंधी चलने लगी। इसी तरह मेहरी गांव में भी तेज हवाओं के साथ आई आंधी ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। अचानक आई आंधी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और घरों व गलियों में मिट्टी ही मिट्टी हो गई।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार को बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और वज्रपात की भी आशंका जताई है।

अगले 4-5 दिन जारी रह सकती हैं गतिविधियां

मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां आगामी चार से पांच दिनों तक जारी रह सकती हैं। इसके चलते दिन के तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।

आंधी से टूटा सालों पुराना नीम का पेड़

शुक्रवार शाम आई तेज आंधी का असर शहर में भी देखने को मिला। अगुना मोहल्ला स्थित संचिया माता मंदिर के सामने वर्षों पुराना नीम का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। सौभाग्य से उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय वहां आवाजाही होती तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।

 झुंझुनूं में रेतीला तूफान, दोपहर में छाया अंधेरा: एक घंटे तक चली धूलभरी आंधी, गाड़ियों की रफ्तार थमी, हेडलाइट जलानी पड़ी

झुंझुनूं और आस-पास के इलाकों में शनिवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। दोपहर करीब 2:30 बजे पूरा शहर भयानक रेत के बवंडर (धूल के गुबार) की चपेट में आ गया। मिट्टी की एक ऊंची और लंबी दीवार जैसी आंधी ने शहर की ऊंची इमारतों और पहाड़ों को धूल के गुबार से ढक दिया।

इसके कारण दिन के उजाले में ही चारों तरफ अंधेरा पसर गया। करीब एक घंटे तक आसमान में सिर्फ मिट्टी ही मिट्टी नजर आ रही थी। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर चल रहे वाहनों के पहिए थम गए। विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने सड़क किनारे अपनी गाड़ियां रोकी और सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचकर अपना बचाव किया।

घरों में घुसी धूल, जनजीवन प्रभावित धूलभरी आंधी के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी इतनी जबरदस्त थी कि लोगों के घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने के बावजूद अंदर तक मिट्टी भर गई। कमरों, आंगन और छतों पर धूल की मोटी परतें जम गईं, जिससे गृहणियों और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। शहर के ऊंचे इलाकों और छतों से लोगों ने बवंडर के वीडियो भी बनाए।

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